कार्रवाई
निश्चित रिटर्न योजना मामले में ED ने राजस्थान में 1.66 करोड़ रुपये की जमीन अस्थायी रूप से कुर्क की
ED ने जयपुर के पास 1.66 करोड़ रुपये की जमीन अस्थायी रूप से कुर्क की है। ED के अनुसार यह उन निवेश योजनाओं के पैसे से जुड़ी है जिनमें हर महीने 2-3% रिटर्न का वादा किया गया था।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 22 अक्टूबर 2026 की एक विज्ञप्ति में बताया कि उसने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत राजस्थान में 1.66 करोड़ रुपये की जमीन अस्थायी रूप से कुर्क की है। 21 अक्टूबर 2026 का यह कुर्की आदेश M/s Shri Ganesham Build Developers Pvt Ltd और उसके एक निदेशक के नाम की जमीन पर है। ED का कहना है कि यह जमीन उन निवेश योजनाओं से जुड़े पैसे के बराबर मूल्य की है जिनमें निवेशकों से हर महीने तय रिटर्न का वादा किया गया था।
क्या हुआ
ED के अनुसार उसकी जांच दिल्ली पुलिस की दस FIR पर आधारित है, जिनकी जांच आर्थिक अपराध शाखा ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 120B के तहत की। आरोप है कि मुख्य आरोपी ने M/s Sampatti Trading & Developers Ltd और M/s Sampatti Developers के जरिए लोगों को हर महीने 2-3% निश्चित रिटर्न का वादा करके निवेश योजनाओं और जमीन परियोजनाओं में पैसा लगाने के लिए राजी किया।
ED ने कहा कि शुरुआत में कुछ निवेशकों को रिटर्न मिला, लेकिन बाद में भुगतान बंद हो गया और कई निवेशकों को उनका मूलधन वापस नहीं मिला। एजेंसी के मुताबिक उसकी जांच में पाया गया कि मुख्य आरोपी के नियंत्रण वाली संस्थाओं से पैसा M/s Shri Ganesham Build Developers Pvt Ltd और उसके निदेशक को राजस्थान में जमीन खरीदने के लिए भेजा गया, और ED जिसे अपराध की आय कहता है, उसमें से 1.66 करोड़ रुपये उनके पास थे।
ED ने कहा कि मूल पैसा पहले ही खर्च या इधर-उधर हो चुका था, इसलिए उसने गांव ढाणी गैसकां, तहसील विराटनगर, जिला जयपुर में उतने ही मूल्य की जमीन कुर्क की। अस्थायी कुर्की के बाद मालिक फिलहाल संपत्ति बेच या हस्तांतरित नहीं कर सकता; PMLA के तहत न्यायनिर्णायक प्राधिकरण (Adjudicating Authority) को इसकी पुष्टि करनी होती है। आगे की जांच जारी है।
ये आरोप हैं, दोष के निष्कर्ष नहीं; अदालत में दोष साबित होने तक आरोपी निर्दोष माने जाते हैं, और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
इसका क्या मतलब है
इन योजनाओं के निवेशकों के लिए यह कुर्की उस पैसे के मूल्य को सुरक्षित रखने का कदम है जिसे ED इस मामले से जुड़ा बताता है, जब तक कार्यवाही चलती है। विज्ञप्ति में यह नहीं बताया गया है कि निवेशकों तक कोई पैसा कैसे या कब पहुंच सकता है।
कोई संस्था जमा राशि ले सकती है या नहीं, यह RBI के Sachet पोर्टल https://sachet.rbi.org.in पर जांचा जा सकता है और वहां अनधिकृत जमा योजना की शिकायत भी की जा सकती है।
यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।
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