कानूनी

उत्तराखंड उपभोक्ता आयोग ने मशीन खरीदार का United India Insurance पर दावा खारिज किया

उत्तराखंड राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कहा कि विक्रेता के नाम जारी पॉलिसी पर खरीदार दावा नहीं कर सकता, और United India Insurance के खिलाफ 3,42,650 रुपये का आदेश रद्द कर दिया।

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आधिकारिक स्रोतConsumer commission
कानूनी / 22 अक्टूबर 2026

उत्तराखंड राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने वह आदेश रद्द कर दिया है जिसमें United India Insurance Company Ltd. को ढुलाई के दौरान क्षतिग्रस्त हुई मशीन के लिए 3,42,650 रुपये देने को कहा गया था। 13 अक्टूबर 2026 को सुनाए गए आदेश में आयोग ने कहा कि मशीन का खरीदार विक्रेता के नाम जारी पॉलिसी पर दावा नहीं कर सकता। खरीदार की शिकायत खारिज कर दी गई।

क्या हुआ

हरिद्वार की एक फर्म ने 3 मार्च 2012 को अहमदाबाद के एक सप्लायर से 38,76,000 रुपये में एक मशीन खरीदी थी। मशीन का बीमा United India Insurance से था, लेकिन पॉलिसी सप्लायर के नाम पर जारी हुई थी। आदेश के अनुसार, हरिद्वार में उतारते समय मशीन गिरकर क्षतिग्रस्त हो गई। सर्वेयर ने नुकसान 3,27,650 रुपये आंका, जबकि फर्म ने 3,42,650 रुपये का दावा किया। जांच के बाद बीमा कंपनी ने जून 2013 में दावा खारिज कर दिया।

दिसंबर 2018 में हरिद्वार के जिला आयोग ने बीमा कंपनी को 3,42,650 रुपये, 6% साधारण ब्याज और 7,000 रुपये मुआवज़ा देने का आदेश दिया। बीमा कंपनी ने इसके खिलाफ अपील की।

राज्य आयोग ने पाया कि पॉलिसी में खरीदार को बीमित नहीं दिखाया गया था, और बीमा कंपनी ने कवर खरीदार के नाम ट्रांसफर करने का कोई एंडोर्समेंट जारी नहीं किया था। सप्लायर ने खरीदार को दावा भुगतान के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र दिया था। आयोग ने कहा कि बीमा कंपनी द्वारा मान्य एंडोर्समेंट या असाइनमेंट के बिना यह प्रमाणपत्र अपने आप खरीदार और बीमा कंपनी के बीच बीमा अनुबंध नहीं बना सकता। पॉलिसी में नामित बीमित, यानी सप्लायर, को शिकायत में पक्षकार भी नहीं बनाया गया था।

आयोग ने कहा कि केवल इसी आधार पर शिकायत सुनवाई योग्य नहीं है, अपील स्वीकार की और बीमा कंपनी द्वारा जमा वैधानिक राशि, यदि कोई हो, लौटाने का आदेश दिया। खर्च को लेकर कोई आदेश नहीं दिया गया।

इसका क्या मतलब है

यह फैसला "बीमा योग्य हित" यानी पॉलिसी पर दावा करने के कानूनी अधिकार पर आधारित है। इस आदेश के अनुसार, विक्रेता की पॉलिसी पर निर्भर खरीदार तब तक दावा नहीं कर पाएगा जब तक बीमा कंपनी ने कवर खरीदार के नाम एंडोर्स या ट्रांसफर न किया हो।

यह आयोग का निष्कर्ष है और इसके खिलाफ अपील की जा सकती है।

स्रोत: Consumer commission order

यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। यह निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है।