बाज़ार
सन फार्मा Q2 नतीजे: शुद्ध मुनाफा 36% घटकर 1,988.5 करोड़ रुपये, बिक्री 11.8% बढ़ी
NSE को दी गई फाइलिंग के अनुसार, सितंबर 2026 तिमाही में सन फार्मा का समेकित कर-पश्चात मुनाफा 36.2% घटकर 1,988.5 करोड़ रुपये रहा, जबकि बिक्री 11.8% बढ़कर 16,100 करोड़ रुपये हो गई।

फ़ोटो: BuhaM / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0 (क्रॉप की गई)। सांकेतिक तस्वीर।
सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में 1,988.5 करोड़ रुपये का समेकित कर-पश्चात मुनाफा दर्ज किया, जो एक साल पहले के 3,118 करोड़ रुपये से 36.2% कम है। यह जानकारी कंपनी द्वारा 30 अक्टूबर 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को दिए गए नतीजों और अर्निंग्स प्रेज़ेंटेशन में है। बिक्री 14,405.2 करोड़ रुपये से 11.8% बढ़कर 16,100 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी ने 3,162 करोड़ रुपये का समायोजित (एडजस्टेड) कर-पश्चात मुनाफा भी बताया, जो 1.4% अधिक है।
क्या हुआ
सन फार्मा के बोर्ड ने 30 अक्टूबर 2026 की बैठक में 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के अनऑडिटेड स्टैंडअलोन और समेकित नतीजों को मंज़ूरी दी। प्रेज़ेंटेशन के अनुसार, EBITDA (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई, यानी परिचालन मुनाफे का एक पैमाना) 4.8% बढ़कर 4,527.1 करोड़ रुपये से 4,743.9 करोड़ रुपये हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन 31.3% से घटकर 29.3% रह गया। प्रति शेयर आय 8.3 रुपये रही, जो एक साल पहले 13.0 रुपये थी।
30 सितंबर 2026 को समाप्त छमाही में बिक्री 11.0% बढ़कर 31,283.6 करोड़ रुपये रही, और कर-पश्चात मुनाफा 5,396.6 करोड़ रुपये से 9.5% घटकर 4,883.3 करोड़ रुपये रहा।
बाज़ारवार देखें तो कंपनी के अनुसार तिमाही में भारत में फॉर्मूलेशन कारोबार 17% बढ़ा और समेकित बिक्री में इसका हिस्सा 34.5% रहा; भारत में 14 नए उत्पाद लॉन्च किए गए। अमेरिका में फॉर्मूलेशन बिक्री 8.2% घटकर 455 मिलियन अमेरिकी डॉलर रही, जिसे प्रेज़ेंटेशन ने लेनालिडोमाइड की बिक्री में गिरावट से जोड़ा। उभरते बाज़ारों का राजस्व 7.6% बढ़कर 350 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, और वैश्विक इनोवेटिव मेडिसिन कारोबार 6.9% बढ़ा।
इसका क्या मतलब है
इस तिमाही शेयरधारकों के सामने मुनाफे के दो आंकड़े हैं: कंपनी के समायोजित पैमाने पर मुनाफा एक साल पहले के लगभग बराबर रहा, जबकि रिपोर्टेड मुनाफा एक-तिहाई से ज़्यादा घटा। कंपनी ने बताया कि उसके पास 3.3 अरब अमेरिकी डॉलर की शुद्ध नकदी है और उसने अपने पहले नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (ऐसे बॉन्ड जिन्हें शेयरों में नहीं बदला जा सकता) आवंटित किए हैं, जिनकी राशि 7,816 करोड़ रुपये है।
27 अप्रैल 2026 को हस्ताक्षरित ऑर्गेनॉन के प्रस्तावित अधिग्रहण पर कंपनी ने कहा कि ज़्यादातर फाइलिंग के लिए मंज़ूरी मिल चुकी है, कुछ अभी बाकी हैं, और सौदा 2026-27 की चौथी तिमाही तक पूरा होने का संकेत दिया। तब तक दोनों कंपनियां स्वतंत्र रूप से काम करेंगी। फाइलिंग के अनुसार ये नतीजे अनऑडिटेड हैं और वैधानिक ऑडिटरों ने इनकी समीक्षा की है।
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