बाज़ार

SEBI ने क्लोजिंग ऑक्शन का समय और डेरिवेटिव्स के एक्सपायरी सेटलमेंट नियम बदले

SEBI ने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन का समय और स्टॉक व इंडेक्स डेरिवेटिव्स के एक्सपायरी दिन के सेटलमेंट मूल्य तय करने का तरीका बदला है। ज़्यादातर बदलाव 7 दिसंबर 2026 से लागू होंगे।

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आधिकारिक स्रोतSecurities and Exchange Board of India
बाज़ार / 16 अक्टूबर 2026

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS), यानी दिन के अंत में होने वाली वह नीलामी जिससे शेयरों का बंद भाव तय होता है, के साथ-साथ बाज़ार के समय और डेरिवेटिव्स के सेटलमेंट के तरीके में बदलाव किया है। यह सर्कुलर 15 अक्टूबर 2026 का है। ज़्यादातर बदलाव 7 दिसंबर 2026 से और आगे ले जाए जाने वाले ऑर्डरों से जुड़े नियम 8 फरवरी 2027 से लागू होंगे।

क्या हुआ

सर्कुलर के अनुसार, SEBI ने 16 जनवरी 2026 के सर्कुलर के ज़रिए इक्विटी कैश सेगमेंट में CAS शुरू किया था। इसके बाद SEBI ने 12 सितंबर 2026 को एक परामर्श पत्र जारी किया और फिर बदलावों का फैसला किया।

सर्कुलर के मुताबिक, CAS सभी कारोबारी दिनों में दोपहर 3:30 से 3:40 बजे तक 10 मिनट के अलग सेशन के रूप में चलेगा। 3:31 बजे से पांच मिनट तक लिमिट और मार्केट दोनों ऑर्डर दिए जा सकेंगे। 3:36 बजे से केवल लिमिट ऑर्डर दिए जा सकेंगे और मार्केट ऑर्डरों में बदलाव या उन्हें रद्द नहीं किया जा सकेगा। ऑर्डर देने का समय 3:38 से 3:40 बजे के बीच किसी भी पल सिस्टम द्वारा अचानक बंद होगा।

SEBI ने कहा कि इंडेक्स और स्टॉक डेरिवेटिव्स में 3:45 बजे तक कारोबार होगा, लेकिन एक्सपायरी के दिन एक्सपायर होने वाले इंडेक्स डेरिवेटिव्स में कारोबार 3:30 बजे रुक जाएगा। पोस्ट-क्लोज़ सेशन, जिसमें सौदे बंद भाव पर होते हैं, 3:50 से 4:00 बजे तक चलेगा।

CAS में केवल लिमिट और मार्केट ऑर्डरों की अनुमति होगी। नए आइसबर्ग ऑर्डर, जिनमें केवल कुछ मात्रा दिखाई जाती है, और स्टॉप-लॉस ऑर्डर नहीं दिए जा सकेंगे। पूरे न हुए आइसबर्ग ऑर्डर पूरी मात्रा दिखाने वाले लिमिट ऑर्डर के रूप में CAS में चले जाएंगे, जब तक ट्रेडर इससे मना न करे।

एक्सपायरी के दिन इंडेक्स डेरिवेटिव्स का सेटलमेंट मूल्य सामान्य कारोबार के आखिरी 30 मिनट में इंडेक्स के शेयरों के वॉल्यूम-वेटेड औसत मूल्य (VWAP) से निकाले गए इंडेक्स मूल्य पर आधारित होगा। स्टॉक डेरिवेटिव्स का सेटलमेंट सभी एक्सचेंजों में उसी अवधि के दौरान संबंधित शेयर के VWAP पर होगा।

इसका क्या मतलब है

बाज़ार बंद होने के आसपास ऑर्डर देने वाले निवेशकों और ट्रेडरों के लिए 7 दिसंबर 2026 से नया समय लागू होगा। फ्यूचर्स और ऑप्शंस में कारोबार करने वालों को ध्यान रखना चाहिए कि एक्सपायरी के दिन सेटलमेंट मूल्य CAS के बंद भाव के बजाय कारोबार के आखिरी 30 मिनट पर आधारित होगा। आइसबर्ग ऑर्डर देने वाले ट्रेडर 8 फरवरी 2027 से ये नियम लागू होने पर ऑर्डर देते समय ही चुन सकेंगे कि उनका ऑर्डर नीलामी में न ले जाया जाए।

स्रोत: SEBI circular

यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। यह निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है।