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SEBI ने शेयरहोल्डिंग फाइलिंग को लेकर Integra Switchgear और प्रमोटर समूह पर जुर्माना लगाया
SEBI ने शेयरहोल्डिंग पैटर्न और प्रमोटरों के पुनर्वर्गीकरण को लेकर Integra Switchgear पर 5 लाख रुपये और प्रमोटर समूह के 16 सदस्यों पर संयुक्त रूप से 8 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने BSE पर सूचीबद्ध Integra Switchgear Limited पर 5 लाख रुपये और उसके प्रमोटर समूह के 16 सदस्यों पर, जिनमें Bimal Switchgear Private Limited भी शामिल है, संयुक्त रूप से और अलग-अलग चुकाने योग्य 8 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह अधिनिर्णय आदेश 30 अक्टूबर 2026 का है।
क्या हुआ
आदेश के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब SEBI ने 2024 में कंपनी के शेयरों के लिए एक अधिग्रहणकर्ता की ओर से दाखिल ड्राफ्ट लेटर ऑफ ऑफर की जांच की। कंपनी को भेजे गए कारण बताओ नोटिस में आरोप था कि स्टॉक एक्सचेंज को दिए गए शेयरहोल्डिंग पैटर्न में कुछ शेयरधारकों को गलत तरीके से पब्लिक या प्रमोटर दिखाया गया, और लिस्टिंग नियमों के मुताबिक BSE को आवेदन दिए या उसकी मंजूरी लिए बिना लोगों को प्रमोटर और पब्लिक श्रेणियों के बीच बदला गया। आदेश के अनुसार BSE ने SEBI को बताया कि उसे ऐसा कोई आवेदन नहीं मिला था। नोटिस में यह भी आरोप था कि कंपनी ने इन बदलावों को महत्वपूर्ण घटना के रूप में नहीं बताया।
आदेश में कंपनी पर लिस्टिंग नियमों (LODR Regulations) के शेयरहोल्डिंग पैटर्न, प्रमोटरों के पुनर्वर्गीकरण और खुलासे से जुड़े कई प्रावधानों के उल्लंघन के लिए SEBI Act की Section 15HB के तहत 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। प्रमोटर समूह के सदस्यों पर SEBI के टेकओवर नियमों के Regulation 29(1) और 29(2) के उल्लंघन के लिए SEBI Act की Section 15A(b) के तहत जुर्माना लगाया गया, जो जरूरी जानकारी न देने से जुड़ी है। आदेश में कहा गया है कि रिकॉर्ड से कोई लाभ कमाने या निवेशकों को नुकसान होने की बात सामने नहीं आई।
कंपनी ने SEBI को बताया कि उसका कामकाज बंद हो चुका है, जिसकी जानकारी उसने जुलाई 2020 में BSE को दी थी। जुर्माना आदेश मिलने के 45 दिनों के भीतर चुकाना होगा, वरना वसूली की कार्रवाई हो सकती है।
इसका क्या मतलब है
किसी कंपनी का शेयरहोल्डिंग पैटर्न निवेशकों को बताता है कि उस पर नियंत्रण किसका है। यह आदेश दिखाता है कि सूचीबद्ध कंपनी स्टॉक एक्सचेंज की मंजूरी की प्रक्रिया अपनाए बिना किसी शेयरधारक को प्रमोटर और पब्लिक श्रेणी के बीच नहीं बदल सकती। यह नियामक का निष्कर्ष है और इसके खिलाफ प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (Securities Appellate Tribunal) में अपील की जा सकती है। किसी सूचीबद्ध कंपनी के खिलाफ शिकायत https://scores.sebi.gov.in पर की जा सकती है।
स्रोत: SEBI order
यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। यह निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है।