कार्रवाई

SEBI ने invitation-only WhatsApp ग्रुप की शेयर टिप्स से निवेशकों को सावधान किया

SEBI ने निवेशकों को चेताया है कि अपंजीकृत लोग invitation-only WhatsApp ग्रुप में शेयर टिप्स दे रहे हैं, जिन्हें नियामक ने धोखाधड़ी वाले ग्रुप बताया है।

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आधिकारिक स्रोतSecurities and Exchange Board of India
कार्रवाई / 22 अक्टूबर 2026

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने 22 अक्टूबर 2026 को निवेशकों को सिर्फ़ निमंत्रण से जुड़ने वाले (invitation-only) WhatsApp ग्रुप में दी जा रही शेयर टिप्स और ट्रेडिंग कॉल से सावधान किया। SEBI के अनुसार, कुछ अपंजीकृत लोग ये ग्रुप चला रहे हैं, जिन्हें नियामक ने धोखाधड़ी वाले ग्रुप बताया है, और ये ज़्यादातर विदेशी WhatsApp नंबरों से चलाए जाते हैं। नियामक ने निवेशकों से ऐसे ग्रुप से दूर रहने और केवल SEBI में पंजीकृत मध्यस्थों से ही लेन-देन करने की अपील की है।

क्या हुआ

SEBI की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इन ग्रुप के संचालक ख़ुद को बाज़ार विशेषज्ञ बताते हैं और मुफ़्त निवेशक शिक्षा के नाम पर बिना अनुमति के ख़रीद-बिक्री की कॉल साझा करते हैं। SEBI ने कहा कि कॉल को भरोसेमंद दिखाने के लिए कुछ सदस्य संचालकों के साथ मिलकर मुनाफ़े के झूठे दावे पोस्ट करते हैं और तथाकथित विशेषज्ञ की तारीफ़ करते हैं।

SEBI ने इस तरीक़े को "एस्ट्रोटर्फ़िंग" कहा है, यानी असली समर्थन का झूठा माहौल बनाना ताकि भोले-भाले निवेशक इन कॉल पर अमल कर लें। नियामक के मुताबिक़, जब प्रवर्तन एजेंसियों या नियामकों की कार्रवाई के बाद ऐसा कोई ग्रुप बंद होता है, तो उसके सदस्यों को आम तौर पर किसी नए नंबर से नए ग्रुप में जुड़ने का संदेश मिलता है। SEBI ने ऐसे एक आम संदेश का हवाला दिया, जिसमें दावा किया जाता है कि सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के रिस्क-कंट्रोल उपायों के कारण पिछला ग्रुप बैन हो गया और नया ग्रुप रोज़ शेयर से जुड़ी सिफ़ारिशें और ट्रेडिंग मार्गदर्शन देगा।

इसका क्या मतलब है

SEBI ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे अनजान लोगों या ख़ुद को शेयर बाज़ार विशेषज्ञ बताने वालों के invitation-only WhatsApp ग्रुप में न जुड़ें, ख़ासकर विदेशी नंबरों से चलने वाले ग्रुप में, और वहाँ दी गई टिप्स पर अमल न करें। दूसरे सदस्यों की तारीफ़, मुनाफ़े के दावों या ट्रेड की पुष्टि वाले संदेशों के बहकावे में न आएँ, क्योंकि SEBI के अनुसार ये पहले से प्लांट किए हुए हो सकते हैं।

SEBI के अनुसार, अगर कोई संदेश कहे कि ग्रुप निलंबित, बंद या बैन हो गया है और नए ग्रुप में जुड़ने को कहे, तो इसे ख़तरे का संकेत मानें और ऐसे ग्रुप से बाहर निकल जाएँ। नियामक ने यह भी कहा है कि इन ग्रुप में सुझाए गए किसी ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म या ऐप पर खाता न खोलें, उसमें पैसे न भेजें, और अपनी होल्डिंग या ट्रेडिंग खाते की जानकारी साझा न करें।

किसी मध्यस्थ के पंजीकरण की जाँच https://www.sebi.gov.in/intermediaries.html पर और पंजीकृत मध्यस्थों के ट्रेडिंग ऐप की जाँच https://investor.sebi.gov.in/Investor-support.html पर की जा सकती है। ऐसी किसी योजना में पैसा गँवाने वाले लोग https://cybercrime.gov.in पर या हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत कर सकते हैं।

स्रोत: SEBI press release

यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।

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