कार्रवाई
RBI ने पुडुचेरी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक पर लगाईं पाबंदियां, निकासी की सीमा 5,000 रुपये
RBI ने 21 अक्टूबर 2026 से पुडुचेरी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड के कारोबार पर पाबंदियां लगाई हैं और बैंक की नकदी स्थिति को देखते हुए जमाकर्ताओं की निकासी 5,000 रुपये तक सीमित कर दी है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने पुडुचेरी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड को निर्देश जारी कर 21 अक्टूबर 2026 को कारोबार बंद होने के बाद से उसके कामकाज पर पाबंदियां लगा दी हैं। RBI ने बैंक की मौजूदा नकदी स्थिति का हवाला देते हुए कहा है कि जमाकर्ता अपने बचत, चालू या किसी अन्य खाते से 5,000 रुपये से अधिक नहीं निकाल सकेंगे। ये निर्देश छह महीने तक लागू रहेंगे और इनकी समीक्षा की जा सकती है।
क्या हुआ
RBI ने ये निर्देश 19 अक्टूबर 2026 को बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की Section 35A और Section 56 के तहत जारी किए। इन अधिकारों के तहत RBI किसी बैंक को यह निर्देश दे सकता है कि वह अपना कारोबार कैसे चलाए।
RBI की लिखित पूर्व अनुमति के बिना बैंक न तो कोई नया कर्ज़ दे सकेगा या पुराने कर्ज़ का नवीनीकरण कर सकेगा, न निवेश कर सकेगा, न उधार ले सकेगा और न ही नई जमा राशि स्वीकार कर सकेगा। बैंक अपनी देनदारियां चुकाने के लिए भुगतान भी नहीं कर सकेगा, कोई समझौता या व्यवस्था नहीं कर सकेगा और निर्देशों में दी गई छूट के अलावा अपनी संपत्ति बेच या हस्तांतरित नहीं कर सकेगा। बैंक कर्मचारियों के वेतन, किराया और बिजली बिल जैसे ज़रूरी खर्च कर सकेगा। निर्देशों की शर्तों के अधीन वह जमा राशि के बदले कर्ज़ का समायोजन भी कर सकेगा।
RBI ने कहा कि उसने हाल में बैंक के कामकाज में सुधार के लिए उसके बोर्ड और वरिष्ठ प्रबंधन से बात की थी। RBI के अनुसार, निगरानी से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए बैंक की ओर से ठोस प्रयास न होने और जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा की ज़रूरत के कारण ये निर्देश जारी करने पड़े।
इसका क्या मतलब है
जमाकर्ताओं के लिए सबसे बड़ा बदलाव 5,000 रुपये की निकासी सीमा है। जिन ग्राहकों का बैंक में कर्ज़ और जमा दोनों है, वे RBI की शर्तों के अधीन एक को दूसरे से समायोजित कर सकते हैं।
पात्र जमाकर्ता जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (DICGC) से, जो बैंक जमा का बीमा करने वाली RBI की इकाई है, उसी हैसियत और अधिकार में 5 लाख रुपये तक के जमा बीमा दावे के हकदार हैं। इसके लिए जमाकर्ताओं को अपनी सहमति देनी होगी और सत्यापन होगा। अधिक जानकारी के लिए जमाकर्ता बैंक अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं या www.dicgc.org.in देख सकते हैं।
RBI ने कहा कि इन निर्देशों का मतलब बैंक का लाइसेंस रद्द होना नहीं है। वित्तीय स्थिति सुधरने तक बैंक पाबंदियों के साथ बैंकिंग कारोबार जारी रखेगा, और RBI हालात के अनुसार निर्देशों में बदलाव कर सकता है। निर्देशों की प्रति बैंक की वेबसाइट और परिसर में प्रदर्शित की जानी है। शिकायत होने पर जमाकर्ता https://cms.rbi.org.in पर RBI से संपर्क कर सकते हैं।
स्रोत: RBI press release
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