कंपनी मामले

RBI ने विदेशी निवेश और कर्ज़ से जुड़े FEMA उल्लंघनों के कंपाउंडिंग अधिकार क्षेत्रीय कार्यालयों को दिए

RBI के 23 अक्टूबर 2026 के सर्कुलर के अनुसार, विदेशी निवेश, उधारी, ऋण और गारंटी लेनदेन से जुड़े FEMA उल्लंघनों की कंपाउंडिंग अब चुनिंदा क्षेत्रीय कार्यालय भी करेंगे।

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आधिकारिक स्रोतReserve Bank of India
कंपनी मामले / 23 अक्टूबर 2026

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (FEMA) के तहत कुछ उल्लंघनों की कंपाउंडिंग का अधिकार चुनिंदा क्षेत्रीय कार्यालयों को सौंप दिया है। 23 अक्टूबर 2026 का यह सर्कुलर विदेशी निवेश और उधारी, ऋण तथा गारंटी लेनदेन से जुड़े उल्लंघनों पर लागू है। कंपाउंडिंग का मतलब है किसी स्वीकार किए गए उल्लंघन का RBI के साथ निपटारा।

क्या हुआ

सर्कुलर के अनुसार, विदेशी निवेश और उधारी, ऋण व गारंटी लेनदेन से जुड़े कंपाउंडिंग आवेदन अब तक RBI के केंद्रीय कार्यालय में लिए जाते थे। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के कुछ मामले पहले से क्षेत्रीय कार्यालय देख रहे थे। RBI ने कहा कि ग्राहक सेवा को बढ़ावा देने के लिए अब ये अधिकार भी सौंप दिए गए हैं।

विदेशी निवेश से जुड़े उल्लंघनों के आवेदन उस विदेशी इकाई, विदेशी संयुक्त उद्यम या पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी को मिले यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (UIN) के प्रीफ़िक्स के आधार पर क्षेत्रीय कार्यालय में जमा होंगे। सूची में अहमदाबाद (AH), बेंगलुरु (BG), मुंबई (BL, BY या PJ), कोलकाता (BN, CA, GA या GH), नई दिल्ली (CG, JM, JR, KA, ND, PT या WR), हैदराबाद (HY) और चेन्नई (KO या MA) शामिल हैं। जहां UIN नहीं मिला है, वहां आवेदन मुंबई स्थित केंद्रीय कार्यालय के सेल फ़ॉर इफ़ेक्टिव इम्प्लीमेंटेशन ऑफ़ FEMA (CEFA) में जाएंगे।

उधारी, ऋण और गारंटी से जुड़े उल्लंघनों के आवेदन उस क्षेत्रीय कार्यालय में जाएंगे, जिसके क्षेत्र में भारतीय कंपनी या इकाई का पंजीकृत कार्यालय है या आवेदक का निवास है। अगर ऋण या गारंटी उस विदेशी इकाई को दी गई है जिसमें आवेदक ने विदेशी प्रत्यक्ष निवेश किया है, तो विदेशी निवेश वाला तरीका लागू होगा। अलग-अलग कार्यालयों के दायरे में आने वाली कई श्रेणियों के आवेदन CEFA में जमा किए जा सकते हैं।

इसका क्या मतलब है

ऐसे FEMA उल्लंघनों का निपटारा चाहने वाली कंपनियां और व्यक्ति अब ऊपर बताए नियमों के अनुसार सिर्फ़ केंद्रीय कार्यालय के बजाय संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। RBI ने कहा कि कंपाउंडिंग पर उसके मास्टर निर्देश अपडेट किए जाएंगे, और विदेशी मुद्रा का काम करने वाले बैंकों से यह सर्कुलर अपने ग्राहकों तक पहुंचाने को कहा।

स्रोत: RBI notification

यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। यह निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है।