कार्रवाई
कोटा में कांस्टेबल अभयसिंह 2,000 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार: राजस्थान ACB
राजस्थान ACB ने कोटा के थाना नान्ता की बड़गांव चौकी पर तैनात कांस्टेबल को गिरफ्तार किया है। ACB का आरोप है कि उसने 25 अक्टूबर को परिवादी से 2,000 रुपये की रिश्वत ली।
कोटा शहर जिले के थाना नान्ता की बड़गांव चौकी पर तैनात कांस्टेबल अभयसिंह को राजस्थान के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने 25 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया। ACB के अनुसार उसकी कोटा इकाई ने कांस्टेबल को चौकी पर एक परिवादी से 2,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा।
क्या हुआ
ACB के प्रेस नोट के अनुसार, परिवादी ने कोटा इकाई को बताया कि एक डम्पर ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मारी थी, जो बाद में परिवादी की कार से टकरा गई। इसके बाद हुए विवाद में डम्पर मालिक ने थाना नान्ता में परिवादी के खिलाफ रिपोर्ट दी, जिसकी जांच यही कांस्टेबल कर रहा था। ACB का आरोप है कि कांस्टेबल ने परिवादी को इस मामले में झूठा फंसाने की धमकी देकर रिश्वत मांगी।
ACB ने बताया कि पहले रिश्वत की मांग का सत्यापन कराया गया। ACB के अनुसार सत्यापन के दौरान कांस्टेबल ने 700 रुपये ले लिए और बाकी 2,000 रुपये बाद में देने को कहा। इसके बाद ACB मुख्यालय के निर्देश पर ट्रैप दल ने कार्रवाई की, और ACB के मुताबिक कांस्टेबल को बड़गांव चौकी पर परिवादी से 2,000 रुपये लेते पकड़ा गया।
ACB ने कहा कि आरोपी से पूछताछ और आगे की कार्रवाई जारी है और उसके घर की तलाशी ली जा रही है। ब्यूरो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे जांच करेगा।
ये आरोप हैं, दोष सिद्ध नहीं हुआ है; अदालत में दोष साबित होने तक आरोपी निर्दोष माना जाता है, और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
इसका क्या मतलब है
ACB के ब्योरे के अनुसार यह मामला दिखाता है कि सड़क हादसे के विवाद जैसी सामान्य पुलिस शिकायत भी रिश्वत मांगने का मौका बन सकती है। जिस व्यक्ति की शिकायत या मामला किसी पुलिसकर्मी के पास है, उसे निष्पक्ष कार्रवाई के लिए पैसे देने की जरूरत नहीं है।
राजस्थान में किसी से भी रिश्वत मांगी जाए तो वह ACB के टोल फ्री नंबर 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन 94135-02834 पर संपर्क कर सकता है; ब्यूरो के अनुसार ये चौबीसों घंटे चालू हैं। ACB के नोट में यह भी कहा गया है कि जिस व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज होता है, वह सीधे ACB के पास जाकर अपना पक्ष रख सकता है, और ब्यूरो उस स्पष्टीकरण की जांच के बाद ही अनुसंधान पर निर्णय लेता है। दूसरे राज्यों के पाठक अपने राज्य की हेल्पलाइन Oquilia की गाइड https://www.oquilia.com/report-a-bribe पर देख सकते हैं।
स्रोत: Rajasthan ACB press note
यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।
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