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कंपनी मामले

NCLT ने नोएडा की मेग्मा आरएफआईडी एंड लेबल्स को दिवाला प्रक्रिया में भेजा, दावे 13 नवंबर तक

NCLT की इलाहाबाद बेंच ने मेग्मा आरएफआईडी एंड लेबल्स प्राइवेट लिमिटेड को दिवाला प्रक्रिया में भर्ती किया है; IBBI की सार्वजनिक घोषणा के अनुसार लेनदार 13 नवंबर 2026 तक दावे दें।

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आधिकारिक स्रोतInsolvency and Bankruptcy Board of India
कंपनी मामले / 2 नवंबर 2026

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की इलाहाबाद बेंच ने, जो प्रयागराज में बैठती है, नोएडा की कंपनी मेग्मा आरएफआईडी एंड लेबल्स प्राइवेट लिमिटेड को कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी रेज़ोल्यूशन प्रोसेस (दिवाला समाधान प्रक्रिया) में भर्ती कर लिया है। इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी बोर्ड ऑफ इंडिया (IBBI) के ज़रिये प्रकाशित 2 नवंबर 2026 की सार्वजनिक घोषणा के अनुसार, कंपनी के लेनदारों को 13 नवंबर 2026 तक सबूत के साथ अपने दावे जमा करने होंगे।

क्या हुआ

घोषणा के मुताबिक, ट्रिब्यूनल ने केस C.P. (IB)/75/ALD/2025 में 26 अक्टूबर 2026 को दिवाला प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया। अंतरिम रेज़ोल्यूशन प्रोफेशनल, यानी वह अधिकारी जो प्रक्रिया के दौरान कंपनी का प्रबंधन संभालता है, को आदेश की प्रति 31 अक्टूबर 2026 को ईमेल से मिली।

कंपनी 27 जनवरी 2015 को बनी थी और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़, कानपुर में पंजीकृत है। इसका पंजीकृत कार्यालय उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर ज़िले में A-4, फेज़ II, नोएडा में है। घोषणा के अनुसार दिवाला प्रक्रिया 24 अप्रैल 2027 तक पूरी होने का अनुमान है।

घोषणा के तहत वित्तीय लेनदार, जैसे कर्ज़ देने वाले, अपने दावे केवल इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जमा करेंगे। बाकी सभी लेनदार व्यक्तिगत रूप से, डाक से या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दावा दे सकते हैं। दावे घोषणा में दिए गए पते और ईमेल पर अंतरिम रेज़ोल्यूशन प्रोफेशनल को भेजे जाने हैं। घोषणा में चेतावनी दी गई है कि झूठे या भ्रामक दावे देने पर जुर्माना लगेगा। इसमें यह भी कहा गया है कि लेनदारों की कोई अलग श्रेणी तय नहीं की गई है।

दिवाला प्रक्रिया में भर्ती होना धोखाधड़ी या कुप्रबंधन का निष्कर्ष नहीं है। यह अदालत की निगरानी में चलने वाली प्रक्रिया है, जिसमें लेनदार कंपनी को बचाने या अपना बकाया वसूलने की योजना पर सहमति बनाने की कोशिश करते हैं।

इसका क्या मतलब है

जिन लोगों का मेग्मा आरएफआईडी एंड लेबल्स पर पैसा बकाया है, जिनमें कर्ज़दाता, सप्लायर, कर्मचारी और कामगार शामिल हैं, उन्हें 13 नवंबर 2026 की समय-सीमा से पहले सबूत के साथ दावा दाखिल करना चाहिए। घोषणा के अनुसार दावे के फॉर्म IBBI की वेबसाइट https://ibbi.gov.in/home/downloads पर उपलब्ध हैं। अंतरिम रेज़ोल्यूशन प्रोफेशनल सभी दावों को इकट्ठा करके लेनदारों की समिति बनाएगा, जो प्रक्रिया के दौरान कंपनी के भविष्य का फैसला करती है। समय-सीमा चूकने वाला लेनदार इस प्रक्रिया के शुरुआती चरणों से बाहर रह सकता है।

स्रोत: IBBI public announcement

यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। यह निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है।