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कार्रवाई

निवेशकों के लिए ED द्वारा कुर्क Neomax की 238.90 करोड़ की संपत्ति बिकेगी: मद्रास हाईकोर्ट

ED ने कहा कि मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने Neomax समूह से कुर्क संपत्तियों को अदालत की निगरानी में बेचकर रकम निवेशकों में बांटने का आदेश दिया है।

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आधिकारिक स्रोतEnforcement Directorate
Bar chart comparing the Neomax properties attached by the ED, worth Rs 238.90 crore, their market value of more than Rs 800 crore, and the about Rs 8,000 crore the ED says the group owes depositors including promised returns.
ओक्विलिया ग्राफ़िक। स्रोत: Enforcement Directorate press release, 4 November 2026

तमिलनाडु में Neomax समूह की रियल एस्टेट योजनाओं के निवेशकों को उनका कुछ पैसा वापस मिलने वाला है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 4 नवंबर 2026 को कहा कि मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने 30 अक्टूबर 2026 के एक साझा आदेश में कहा है कि Neomax Properties Private Ltd और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED द्वारा कुर्क की गई संपत्तियां बेची जाएंगी और रकम अदालत की निगरानी में पीड़ितों में बांटी जाएगी।

क्या हुआ

ED के चेन्नई क्षेत्रीय कार्यालय II के अनुसार, कुर्क संपत्तियों की कीमत 238.90 करोड़ रुपये है और उनका बाजार मूल्य 800 करोड़ रुपये से अधिक है। ED ने अचल संपत्तियों, बैंक खातों और शेयरों को लेकर दो अस्थायी कुर्की आदेश जारी किए थे, और मदुरै की विशेष अदालत (PMLA) में अभियोजन शिकायत दाखिल की है, जहां सुनवाई चल रही है।

ED का मामला आर्थिक अपराध शाखा, मदुरै में दर्ज FIR पर आधारित है। ED का आरोप है कि Neomax समूह ने प्लॉट विकास परियोजनाओं के नाम पर 12% से 30% रिटर्न का वादा करके हजारों निवेशकों से ज्यादातर नकद में बड़ी रकम जुटाई, वादा किया गया रिटर्न या प्लॉट नहीं दिया, और पैसा शेल कंपनियों व अन्य कारोबारों में लगा दिया। ED के अनुसार समूह पर वादा किए गए रिटर्न समेत जमाकर्ताओं का करीब 8,000 करोड़ रुपये बकाया है, और एजेंसी का आरोप है कि भुगतान के बजाय जमाकर्ताओं पर परिपक्वता राशि दोबारा जमा करने का दबाव डाला गया।

ये आरोप हैं, दोष के निष्कर्ष नहीं; अदालत में दोष सिद्ध होने तक आरोपी निर्दोष माने जाते हैं, और कानूनी प्रक्रिया जारी है।

इसका क्या मतलब है

रेस्टिट्यूशन का मतलब है आपराधिक मुकदमा खत्म होने से पहले कुर्क संपत्ति, या उसकी कीमत, उन लोगों को लौटाना जिन्होंने पैसा गंवाया। बंटवारा हाईकोर्ट की निगरानी में होगा।

जमा पर बहुत ऊंचे तय रिटर्न का वादा करने वाली योजनाएं एक आम चेतावनी संकेत हैं। किसी भी जमा योजना में पैसा लगाने से पहले जांच लें कि संस्था अधिकृत है या नहीं; अनधिकृत जमा योजनाओं की शिकायत RBI के Sachet पोर्टल https://sachet.rbi.org.in पर की जा सकती है।

स्रोत: Enforcement Directorate press release

यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।

इस रिपोर्ट में आपका नाम है, या कोई गलती दिखी? सुधार और जवाब के लिए लिखें: editor@oquilia.com