कार्रवाई
ब्लूमैक्स कैपिटल सॉल्यूशंस PMLA मामले में ED ने निवेशकों को 37.58 लाख रुपये लौटाए
ED के मदुरै कार्यालय ने ब्लूमैक्स कैपिटल सॉल्यूशंस के खिलाफ PMLA मामले में निवेशकों को 37,57,697 रुपये लौटाए हैं। ED का आरोप है कि कंपनी ने जनता से 100 करोड़ रुपये से अधिक जुटाए।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मदुरै उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने ब्लूमैक्स कैपिटल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में निवेशकों को 37,57,697 रुपये लौटाए हैं। एजेंसी ने 30 अक्टूबर 2026 को यह जानकारी दी। यह वापसी PMLA की विशेष अदालत, मदुरै के आदेश पर हुई है, जो कानून की Section 8(8) के तहत दिया गया। यह धारा कुर्क की गई संपत्ति को पैसा गंवाने वाले लोगों को लौटाने की अनुमति देती है।
क्या हुआ
ED के मुताबिक उसकी जांच तमिलनाडु पुलिस द्वारा निवेशकों की शिकायतों पर दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई। ये FIR IPC की Sections 120B, 406, 409 और 420, तमिलनाडु जमाकर्ता हित संरक्षण (TNPID) अधिनियम, 1997 की Section 5 और अनियमित जमा योजना प्रतिबंध (BUDS) अधिनियम, 2019 की Sections 3, 4, 5 और 21 के तहत दर्ज हुई थीं।
ED के अनुसार कंपनी ने जनता से 100 करोड़ रुपये से अधिक जुटाए। निवेशकों से कहा गया कि उनका पैसा फॉरेक्स, कमोडिटी, सोने और अन्य ट्रेडिंग में लगाया जाएगा और आकर्षक रिटर्न का वादा किया गया। ED ने कहा कि कंपनी फॉरेक्स ट्रेडिंग के लिए अधिकृत नहीं थी और पैसा बताए गए तरीके से नहीं लगाया गया। एजेंसी का आरोप है कि पैसे का एक हिस्सा दूसरी संस्थाओं और व्यक्तियों के बैंक खातों से घुमाया गया और एक हिस्से से क्रिप्टो एसेट और चल-अचल संपत्ति खरीदी गई।
ED ने बताया कि उसने कई ठिकानों पर तलाशी ली और क्रिप्टो-करेंसी समेत लगभग 8.89 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त, फ्रीज और कुर्क की गई। विशेष अदालत (PMLA), मदुरै में अभियोजन शिकायत दायर की जा चुकी है और मुकदमा चल रहा है। ये आरोप हैं, दोष के निष्कर्ष नहीं; अदालत में दोष साबित होने तक आरोपी निर्दोष माने जाते हैं, और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
इसका क्या मतलब है
इस योजना के निवेशकों के लिए ED ने कहा है कि जिन अन्य पीड़ितों के आवेदन विशेष अदालत ने स्वीकार किए हैं, उन्हें पैसा लौटाने की प्रक्रिया जारी है। Section 8(8) के तहत वापसी विशेष अदालत के जरिए होती है, इसलिए पैसा केवल उन्हीं को मिलता है जिनके दावे अदालत मानती है।
यह मामला याद दिलाता है कि ऊंचे रिटर्न के वादे पर पैसा देने से पहले जांच लें कि फर्म अधिकृत है या नहीं। अनियमित जमा योजनाओं की शिकायत RBI के Sachet पोर्टल https://sachet.rbi.org.in पर और ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी की शिकायत https://cybercrime.gov.in या हेल्पलाइन 1930 पर की जा सकती है।
यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।
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