कार्रवाई
ED ने 932.54 करोड़ रुपये के Nexa Evergreen निवेश मामले में अभियोजन शिकायत दाखिल की
ED ने Nexa Evergreen मामले में जयपुर की PMLA अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल की है। ED का आरोप है कि 47,664 निवेशकों को उनके निवेश से 932.54 करोड़ रुपये कम वापस मिले।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जयपुर कार्यालय ने 13 अक्टूबर 2026 को बताया कि उसने Nexa Evergreen निवेश मामले में मुख्य आरोपी और अन्य व्यक्तियों व संस्थाओं के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की है। यह शिकायत 7 अक्टूबर 2026 को जयपुर की विशेष अदालत (PMLA) में दाखिल की गई। ED के अनुसार, 2019 से 2023 के बीच निवेशकों से लगभग 2,676 करोड़ रुपये जुटाए गए, और 47,664 निवेशकों को उनके निवेश से 932.54 करोड़ रुपये कम वापस मिले।
क्या हुआ
अभियोजन शिकायत, धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत ED की चार्जशीट जैसी होती है। ED ने Nexa Evergreen Group के खिलाफ राजस्थान पुलिस द्वारा दर्ज कई FIR और चार्जशीट के आधार पर जांच शुरू की थी।
ED का आरोप है कि निवेशकों को झूठा बताया गया कि उनका पैसा गुजरात के धोलेरा स्मार्ट सिटी में जमीन और प्लॉटिंग परियोजनाओं में लगाया जाएगा, और 60 सप्ताह तक हर सप्ताह 3% रिटर्न या प्लॉट देने का वादा किया गया। ED के अनुसार, मल्टी-लेवल रेफरल योजना के जरिए नए निवेशक जोड़ने पर लैपटॉप, मोटरसाइकिल और कार जैसे इनाम दिए जाने की पेशकश की गई। एजेंसी के मुताबिक, जनवरी 2023 में भुगतान बंद हो गए और वेबसाइट, मोबाइल ऐप व दफ्तर बंद कर दिए गए।
ED का आरोप है कि दो व्यक्तियों ने इस पूरे काम को नियंत्रित किया और कंपनियों, LLP और फर्मों के जाल का इस्तेमाल पैसा जुटाने, पोंजी योजना की तरह पुराने निवेशकों को भुगतान करने और संपत्ति खरीदने में किया। जून 2025 में ED ने 25 ठिकानों पर तलाशी ली, 2.05 करोड़ रुपये नकद जब्त किए और 15.31 करोड़ रुपये फ्रीज किए। एक आरोपी को 10 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया और वह न्यायिक हिरासत में है। 6 अक्टूबर 2026 को ED ने 34.91 करोड़ रुपये मूल्य की 69 संपत्तियां और 26 बैंक खातों की राशि अस्थायी रूप से कुर्क की, जिसकी पुष्टि न्यायनिर्णायक प्राधिकरण (Adjudicating Authority) को करनी होगी। ED के अनुसार, अब तक कुल लगभग 52 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त, फ्रीज या कुर्क की जा चुकी है।
ये आरोप हैं, दोष सिद्ध नहीं हुआ है; अदालत में दोष सिद्ध होने तक आरोपी निर्दोष माने जाते हैं, और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
इसका क्या मतलब है
अब मामला विशेष अदालत में आगे बढ़ेगा। ED ने कहा है कि आगे की जांच जारी है। जो पाठक हर सप्ताह तय रिटर्न या दूसरों को जोड़ने पर इनाम का वादा करने वाली योजनाएं देखें, वे RBI के Sachet पोर्टल https://sachet.rbi.org.in पर उनकी शिकायत कर सकते हैं।
यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।
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