कार्रवाई

विज्ञापन देखकर कमाई की कथित योजना पर ED ने Jaa Lifestyle के खिलाफ दाखिल की PMLA शिकायत

ED ने Jaa Lifestyle India और उसके निदेशकों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की है, जिसमें आरोप है कि कंपनी ने विज्ञापन देखने की सशुल्क सदस्यता योजना से जनता से 4.29 करोड़ रुपये जुटाए।

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आधिकारिक स्रोतEnforcement Directorate
कार्रवाई / 16 अक्टूबर 2026

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने Jaa Lifestyle India Pvt. Ltd. और उसके निदेशकों समेत तीन आरोपियों के खिलाफ बेंगलुरु की विशेष PMLA अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल की है। ED का आरोप है कि कंपनी ने विज्ञापन देखकर कमाई का वादा करने वाली सशुल्क सदस्यता योजना के ज़रिए जनता से लगभग 4.29 करोड़ रुपये जुटाए। शिकायत 7 अक्टूबर 2026 को दाखिल की गई।

क्या हुआ

ED का मनी लॉन्ड्रिंग मामला बेंगलुरु के मगदी रोड पुलिस थाने में कंपनी के निदेशकों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज FIR पर आधारित है।

ED के अनुसार, कंपनी ने सदस्य बनाने और जनता से पैसा जुटाने के लिए एक सुनियोजित सदस्यता मॉडल चलाया। लोगों से WhatsApp और दूसरे ऑनलाइन माध्यमों पर उसके विज्ञापन देखने वाले कार्यक्रम के बारे में संपर्क किया गया, और उन्होंने कंपनी की वेबसाइट पर मुफ्त पंजीकरण कराया।

ED के मुताबिक, इसके बाद सदस्यों को स्थायी सदस्यता और कमाई कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए कंपनी के बैंक खाते में GST समेत 1,109 रुपये जमा करने होते थे। ED ने कहा कि कंपनी ने 6 दिसंबर 2020 से 4 जून 2021 के बीच इस तरह लगभग 4.29 करोड़ रुपये जुटाए।

ED का आरोप है कि कंपनी ने विज्ञापन देखकर कमाई की कोई सुविधा असल में नहीं दी, और जुटाया गया पैसा निदेशकों के निजी खर्चों और फायदे में इस्तेमाल हुआ।

जांच के दौरान 22 जुलाई 2026 को ED ने अस्थायी कुर्की आदेश जारी कर कंपनी के खातों में जमा 3,70,65,355 रुपये, यानी लगभग 3.71 करोड़ रुपये, की राशि कुर्क की। अस्थायी कुर्की की पुष्टि PMLA के तहत न्यायनिर्णायक प्राधिकरण (Adjudicating Authority) को करनी होती है।

ये आरोप हैं, दोष के निष्कर्ष नहीं; अदालत में दोष साबित होने तक आरोपियों को निर्दोष माना जाता है, और कानूनी प्रक्रिया जारी है।

इसका क्या मतलब है

ED के विवरण के अनुसार, इस योजना में लोगों से विज्ञापन देखकर कमाई के वादे पर सदस्यता शुल्क लिया गया। कंपनी से जुड़ी लगभग 3.71 करोड़ रुपये की बैंक राशि अब कुर्की के तहत है, और मामले का फैसला विशेष अदालत करेगी।

अगर कोई ऐसी योजना आपसे संपर्क करे जो जनता से पैसा जुटाती हो, तो आप RBI के Sachet पोर्टल https://sachet.rbi.org.in पर इसकी शिकायत कर सकते हैं। अगर आपने ऑनलाइन पैसा गंवाया है, तो https://cybercrime.gov.in पर शिकायत करें या हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।

स्रोत: Enforcement Directorate press release

यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।

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