कार्रवाई

ED ने WhatsApp पंप-एंड-डंप के कथित मामले में 200 करोड़ रुपये के ट्रेडिंग खाते फ्रीज किए

ED ने 16 अक्टूबर 2026 को छह शहरों में 29 ठिकानों पर तलाशी ली। एजेंसी का आरोप है कि R M Drip and Sprinklers Systems और R&B Denims के शेयरों में WhatsApp के जरिए पंप-एंड-डंप किया गया।

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आधिकारिक स्रोतEnforcement Directorate
कार्रवाई / 19 अक्टूबर 2026

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 16 अक्टूबर 2026 को मुंबई, नासिक, अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत और भावनगर में 29 ठिकानों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत तलाशी ली। एजेंसी के अनुसार ये तलाशी R M Drip and Sprinklers Systems Ltd और R&B Denims Ltd समेत कुछ सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में कथित हेराफेरी से जुड़ी है। ED ने बताया कि उसने करीब 200 करोड़ रुपये के ट्रेडिंग खाते फ्रीज किए हैं।

क्या हुआ

ED के अनुसार, जिन जगहों पर तलाशी हुई उनमें दोनों कंपनियों के दफ्तर, उनके प्रमोटरों के घर, कम कीमत पर शेयर पाने वाले लोगों, स्टॉक-ब्रोकिंग और फाइनेंस फर्मों और प्रचार वाले WhatsApp ग्रुप चलाने के संदिग्धों के ठिकाने शामिल हैं।

ED ने कहा कि अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच दोनों कंपनियों ने चुनिंदा लोगों और संस्थाओं को 3.5 करोड़ से ज्यादा शेयर और कन्वर्टिबल वारंट जारी किए। इसे प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट कहते हैं। एजेंसी का आरोप है कि इन शेयरों के लिए ज्यादातर पैसा आपस में जुड़े कुछ लोगों, फर्मों और कर्जदाताओं के छोटे दायरे से आया, और फिर शेयरों के दाम लगातार बढ़ाए गए, जबकि शेयर ज्यादातर उन्हीं हाथों में रहे।

ED के अनुसार, दिसंबर 2025 के आखिर से फरवरी 2026 तक "Multibagger Stocks" जैसे नामों वाली WhatsApp कम्युनिटी ने खुदरा निवेशकों को इन शेयरों पर रोज "खरीदें" वाली टिप्स भेजीं। ED ने कहा कि ये ग्रुप हरियाणा और मुंबई में दूसरे लोगों के नाम पर लिए गए SIM कार्ड से चल रहे थे, लेकिन इन्हें गुजरात के भावनगर से चलाया जा रहा था। एजेंसी का आरोप है कि इसके बाद अलॉटियों ने अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा टिप्स के झांसे में आए बड़ी संख्या में निवेशकों को बेच दिया।

ED ने बताया कि उसने दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, शेयर लेनदेन के रिकॉर्ड और संपत्ति के कागजात जब्त किए। ये आरोप हैं, दोष सिद्ध नहीं हुआ है; अदालत में दोष साबित होने तक आरोपी निर्दोष माने जाते हैं, और कानूनी प्रक्रिया जारी है। एजेंसी के अनुसार आगे की जांच जारी है।

इसका क्या मतलब है

ED के अनुसार, WhatsApp, X, SMS और दूसरे माध्यमों से भेजी गई टिप्स का इस्तेमाल इन शेयरों में खरीदारी की दिलचस्पी पैदा करने के लिए किया गया। ED ने कहा कि टिप्स अभियान के दौरान दोनों शेयरों के खरीदारों की संख्या कई गुना बढ़ गई, जिससे दाम और ऊपर गए।

जिन निवेशकों को लगता है कि मैसेजिंग ऐप पर चलाई गई स्टॉक-टिप योजना में उनका पैसा डूबा है, वे https://cybercrime.gov.in पर या हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत कर सकते हैं।

स्रोत: Enforcement Directorate press release

यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।

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