कानूनी

दिल्ली हाई कोर्ट ने Raheja Development फंड से जुड़े ED मामले में अग्रिम जमानत से इनकार किया

दिल्ली हाई कोर्ट ने Raheja Development Limited के एक पूर्व निदेशक को उस मामले में अग्रिम जमानत देने से इनकार किया, जिसमें ED घर खरीदारों के पैसे के दुरुपयोग का आरोप लगाता है।

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आधिकारिक स्रोतDelhi High Court
कानूनी / 23 अक्टूबर 2026

दिल्ली हाई कोर्ट ने 15 अक्टूबर 2026 को Enforcement Directorate (ED) के एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में Raheja Development Limited (RDL) के एक पूर्व निदेशक की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। ED के अनुसार, घर खरीदारों से जुटाए गए 1,601.63 करोड़ रुपये का दुरुपयोग कर उन्हें दूसरी जगह भेजा गया। कोर्ट ने कहा कि आवेदक Prevention of Money Laundering Act, 2002 (PMLA) की धारा 45 के तहत जमानत की दोनों शर्तें पूरी नहीं कर पाए।

क्या हुआ

ED ने 31 मार्च 2022 को यह मामला दर्ज किया था, जो दिल्ली की आर्थिक अपराध शाखा और गुरुग्राम पुलिस द्वारा RDL के खिलाफ दर्ज छह FIR पर आधारित है। ED का आरोप है कि घर खरीदारों के पैसे को RDL की समूह कंपनियों में भेजा गया। फैसले के अनुसार, ED ने 28 अप्रैल, 5 जून और 30 जुलाई 2026 को अस्थायी कुर्की के आदेश जारी किए, और आवेदक पक्ष ने कोर्ट को बताया कि कुर्क संपत्तियों की कीमत लगभग 3,400 करोड़ रुपये है।

आवेदक की दलील थी कि वे 2010 में RDL के बोर्ड से हट गए थे, उनके पास कंपनी के केवल 0.81% शेयर हैं, और जिन परियोजनाओं को ED अधूरा बता रहा है, वे सौंपी जा चुकी हैं। कोर्ट ने कहा कि इस चरण में यह तय करने के लिए "मिनी-ट्रायल" नहीं हो सकता कि लेन-देन वैध थे या नहीं। ED ने कोर्ट को बताया कि अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच नौ समन जारी किए गए, पर आवेदक व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हुए। कोर्ट ने माना कि बताए गए कारण उचित नहीं थे, सहयोग के पहले दिए गए आश्वासनों का भी उल्लेख किया, और कहा कि इस आचरण के कारण भी संरक्षण नहीं दिया जा सकता। सेशंस कोर्ट ने 19 सितंबर 2026 को यही याचिका खारिज की थी। हाई कोर्ट ने कहा कि उसके फैसले की कोई बात गुण-दोष पर राय नहीं है।

ये आरोप हैं, दोष सिद्ध नहीं हुआ है; अदालत में दोष सिद्ध होने तक आरोपी निर्दोष माने जाते हैं, और कानूनी प्रक्रिया जारी है। अस्थायी कुर्की की पुष्टि PMLA के तहत Adjudicating Authority को करनी होती है।

इसका क्या मतलब है

अग्रिम जमानत का मतलब है गिरफ्तारी से पहले ही गिरफ्तारी से सुरक्षा मांगना। PMLA के तहत कोर्ट यह तभी दे सकता है जब यह मानने के ठोस आधार हों कि आरोपी दोषी नहीं है और जमानत पर रहते हुए अपराध नहीं करेगा। RDL परियोजनाओं के घर खरीदारों के लिए इसका मतलब है कि ED की जांच जारी रहेगी; कोर्ट ने कहा कि आवेदक की भूमिका की अभी जांच हो रही है। यह फैसला न तो यह तय करता है कि घर खरीदारों का पैसा गलत तरीके से इस्तेमाल हुआ या नहीं, और न ही कोई रिफंड का आदेश देता है।

स्रोत: High Court judgment

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