कार्रवाई
CBI ने PNB ग्रेटर नोएडा के कर्मचारी और एक निजी व्यक्ति को 10.24 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया
CBI ने कहा कि उसने ग्रेटर नोएडा में PNB की पाई शाखा के एक ऑफिस असिस्टेंट और एक निजी व्यक्ति को उस मामले में गिरफ्तार किया है, जिसमें ग्राहकों के खातों से 10.24 करोड़ रुपये के अनधिकृत डेबिट का आरोप है।

फ़ोटो: Pulakit Singh / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0 (क्रॉप की गई)। फ़ाइल फ़ोटो।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने कहा कि उसने 3 नवंबर 2026 को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की पाई शाखा के एक ऑफिस असिस्टेंट यानी सब-स्टाफ कर्मचारी और एक निजी व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। CBI के अनुसार, यह मामला शाखा के विभिन्न ग्राहकों के खातों से 10.24 करोड़ रुपये के अनधिकृत डेबिट से जुड़ा है।
क्या हुआ
CBI ने कहा कि उसने 29 अक्टूबर 2026 को एक शिकायत के आधार पर यह मामला दर्ज किया। CBI के अनुसार, शिकायत में आरोप है कि अनधिकृत डेबिट लेनदेन के जरिए विभिन्न ग्राहकों के खातों से 10.24 करोड़ रुपये निकाल लिए गए।
CBI का आरोप है कि पाई शाखा के ऑफिस असिस्टेंट ने एक निजी व्यक्ति और अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलीभगत और साजिश करके ये लेनदेन किए। अनधिकृत डेबिट का मतलब है खाताधारक की सहमति के बिना खाते से पैसा निकाला जाना।
एजेंसी ने कहा कि आरोपी निजी व्यक्ति की ट्रांजिट रिमांड महाराष्ट्र के पुणे स्थित CBI मामलों की विशेष अदालत से ली गई है। ट्रांजिट रिमांड अदालत की वह अनुमति है जिससे गिरफ्तार व्यक्ति को उस अदालत तक ले जाया जाता है जिसके अधिकार क्षेत्र में मामला है। CBI ने कहा कि जांच जारी है।
ये आरोप हैं, दोष सिद्ध नहीं हुआ है; अदालत में दोष साबित होने तक आरोपी निर्दोष माने जाते हैं, और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
इसका क्या मतलब है
CBI की विज्ञप्ति में यह नहीं बताया गया है कि कितने ग्राहक प्रभावित हुए या पैसा वसूल हुआ है या नहीं। इसमें यह भी नहीं बताया गया कि बैंक ने संबंधित खाताधारकों के लिए क्या कदम उठाए हैं।
किसी भी बैंक के ग्राहकों को अपने खाते का स्टेटमेंट और SMS अलर्ट नियमित रूप से देखने चाहिए और जो डेबिट उन्होंने नहीं किया, उसकी जानकारी तुरंत बैंक को देनी चाहिए। अगर बैंक अनधिकृत लेनदेन की शिकायत का समाधान नहीं करता, तो ग्राहक RBI के शिकायत पोर्टल https://cms.rbi.org.in पर शिकायत कर सकते हैं। ऑनलाइन या साइबर धोखाधड़ी में पैसा गंवाने पर https://cybercrime.gov.in पर या हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की जा सकती है।
मामला अभी जांच के चरण में है। कोई भी आरोप मुकदमे में परखा जाएगा।
स्रोत: CBI press release
यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।
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