कंपनी मामले
कैबिनेट ने लिथियम और निकल प्रोसेसिंग के लिए 2,814 करोड़ रुपये की कैपेक्स सब्सिडी योजना मंजूर की
केंद्रीय कैबिनेट ने 2026-27 से 2030-31 तक चार लिथियम और निकल प्रोसेसिंग प्लांटों को 30% पूंजी सब्सिडी देने वाली 2,814 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी।
4 नवंबर 2026 को जारी सरकार की विज्ञप्ति के अनुसार केंद्रीय कैबिनेट ने 2,814 करोड़ रुपये की एक योजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत भारत में लिथियम और निकल को उच्च शुद्धता वाले यौगिकों में प्रोसेस करने के प्लांट लगाने के लिए पूंजी सब्सिडी दी जाएगी। योजना 2026-27 से 2030-31 तक चलेगी और चार प्लांटों को सहायता देगी।
क्या हुआ
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट ने पांच साल की अवधि के लिए 2,814 करोड़ रुपये के कुल खर्च वाली "क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के लिए कैपेक्स सपोर्ट स्कीम" को मंजूरी दी।
योजना के तहत सरकार चार प्रोसेसिंग प्लांट लगाने के लिए पात्र निवेश का 30% पूंजी सब्सिडी के रूप में देगी: दो लिथियम प्लांट, जिनमें से हर एक की न्यूनतम क्षमता 30 kt होगी, और दो निकल प्लांट, जिनमें से हर एक की न्यूनतम क्षमता 50 kt होगी। सहायता की ऊपरी सीमा हर लिथियम लाभार्थी के लिए 500 करोड़ रुपये और हर निकल लाभार्थी के लिए 900 करोड़ रुपये होगी। विज्ञप्ति के अनुसार निकल प्रोसेसिंग से उप-उत्पाद के रूप में कोबाल्ट भी मिलने की उम्मीद है।
लाभार्थियों का चयन दो चरणों में होगा। पहले आवेदनों की तकनीकी योग्यता जांची जाएगी, और केवल योग्य आवेदक ही दूसरे चरण की वित्तीय बोली में भाग ले सकेंगे। हर खनिज के लिए दो लाभार्थी न्यूनतम लागत के आधार पर चुने जाएंगे, यानी वे बोलीदाता जो सबसे कम कैपेक्स सहायता मांगेंगे। सब्सिडी तीन किस्तों में दी जाएगी, और हर किस्त तय लक्ष्य पूरे होने से जुड़ी होगी।
विज्ञप्ति के अनुसार लिथियम, निकल और कोबाल्ट जैसे क्रिटिकल मिनरल्स के लिए भारत का प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर शुरुआती दौर में है, इसलिए देश परिष्कृत मध्यवर्ती और उच्च शुद्धता वाली सामग्री के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है, और दुनिया में प्रोसेसिंग कुछ ही जगहों पर केंद्रित है।
इसका क्या मतलब है
विज्ञप्ति के अनुसार योजना का उद्देश्य देश में प्रोसेसिंग क्षमता बनाना, आयात पर निर्भरता घटाना और वैल्यू चेन विकसित करना है। इसमें इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा और स्पेशियलिटी स्टील को ऐसे क्षेत्र बताया गया है जिन्हें योजना से सहारा मिलेगा।
कंपनियों और उनके शेयरधारकों के लिए यह सब्सिडी केवल दो चरणों वाली चयन प्रक्रिया से मिलेगी, और केवल चार प्लांटों को मिलेगी। विज्ञप्ति में किसी पात्र कंपनी का नाम या आवेदन मंगाने की तारीख नहीं दी गई है।
यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। यह निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है।