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उत्तराखंड हाई कोर्ट ने PNB की फ्लैट नीलामी रोकी, होम लोन किस्तों में चुकाने की छूट

उत्तराखंड हाई कोर्ट ने हरिद्वार के फ्लैट की PNB नीलामी स्थगित की। कर्जदार की पत्नी 11 नवंबर तक 8 लाख रुपये और बाकी रकम तिमाही किस्तों में चुकाएंगी।

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आधिकारिक स्रोतUttarakhand High Court
कानूनी / 28 अक्टूबर 2026

उत्तराखंड हाई कोर्ट ने 27 अक्टूबर 2026 को हरिद्वार के एक फ्लैट की Punjab National Bank द्वारा 3 नवंबर 2026 को होने वाली नीलामी पर रोक लगा दी। फ्लैट में रह रही महिला ने अपने पति का होम लोन किस्तों में चुकाने की सहमति दी। उन्हें 11 नवंबर 2026 तक बैंक में 8 लाख रुपये जमा करने होंगे।

क्या हुआ

आदेश के अनुसार, महिला के पति ने हरिद्वार के ज्वालापुर स्थित फ्लैट के लिए PNB से होम लोन लिया था। वैवाहिक मतभेदों के बाद वे गुजरात चले गए, जबकि महिला फ्लैट में रहती रहीं। अदालत ने दर्ज किया कि पति ने किस्तें देना बंद कर दिया और लोन को नॉन-परफॉर्मिंग एसेट घोषित कर दिया गया।

इसके बाद बैंक ने SARFAESI Act के तहत कार्रवाई की। यह कानून बैंकों को कर्ज के बदले गिरवी रखी संपत्ति कब्जे में लेकर बेचने की अनुमति देता है। बैंक ने Section 13(2) के तहत 30 मई 2026 को 28,61,240 रुपये का मांग नोटिस जारी किया, फिर कब्जा नोटिस और 25 सितंबर 2026 को बिक्री नोटिस जारी किया। महिला ने हाई कोर्ट से बिक्री नोटिस और कार्यवाही रद्द करने की मांग की।

अदालत में उनके वकील ने कहा कि वे बकाया रकम बराबर मासिक किस्तों में चुकाने को तैयार हैं। बैंक के वकील को इस पर कोई गंभीर आपत्ति नहीं थी, लेकिन उन्होंने नेकनीयती दिखाने के लिए 15 दिन में कम से कम 9 लाख रुपये की मांग की।

अदालत ने इन निर्देशों के साथ याचिका का निपटारा किया:

  • 15 दिन के भीतर, यानी 11 नवंबर 2026 तक, बैंक में 8 लाख रुपये जमा करने होंगे।
  • ब्याज सहित बाकी रकम 11 नवंबर 2026 से एक साल के भीतर 5 लाख रुपये की चार बराबर तिमाही किस्तों में चुकानी होगी, और आखिरी किस्त में पूरी बची हुई रकम शामिल होगी।
  • किसी भी शर्त का उल्लंघन होने पर बैंक फ्लैट की नीलामी करके पूरी रकम वसूल सकेगा।

इसका क्या मतलब है

यह आदेश दिखाता है कि अदालत ने गिरवी घर में रह रहे परिवार के सदस्य को, बैंक की मोटी सहमति के साथ, नीलामी होने देने के बजाय बकाया चुकाने का समय दिया। यह राहत शर्तों पर है: एक भी किस्त चूकने पर बैंक फ्लैट नीलाम कर सकता है।

SARFAESI कार्रवाई का सामना कर रहे कर्जदार बैंक से बकाया का लिखित विवरण और भुगतान योजना मांग सकते हैं। बैंक की सेवा से जुड़ी शिकायत RBI के पास https://cms.rbi.org.in पर की जा सकती है।

स्रोत: High Court judgment

यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। यह निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है।