कंपनी मामले
सेवंतीलाल फकीरचंद एंड कंपनी दिवालिया प्रक्रिया में; लेनदार 10 नवंबर तक दावा करें
राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण ने मुंबई की सेवंतीलाल फकीरचंद एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड को दिवालिया प्रक्रिया में डाला है; लेनदारों को 10 नवंबर 2026 तक दावे जमा करने हैं।
मुंबई में पंजीकृत सेवंतीलाल फकीरचंद एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के लेनदारों के पास अपने दावे जमा करने के लिए 10 नवंबर 2026 तक का समय है। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) ने कंपनी के खिलाफ कॉरपोरेट दिवालिया समाधान प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है। भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड (IBBI) के जरिए प्रकाशित सार्वजनिक घोषणा के अनुसार यह प्रक्रिया 27 अक्टूबर 2026 से शुरू हुई है और 25 अप्रैल 2027 तक पूरी होने का अनुमान है।
क्या हुआ
30 अक्टूबर 2026 की फॉर्म A वाली सार्वजनिक घोषणा के अनुसार न्यायाधिकरण ने 27 अक्टूबर 2026 को कॉरपोरेट दिवालिया समाधान प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया। अंतरिम समाधान पेशेवर को यह आदेश 29 अक्टूबर 2026 को मिला।
कॉरपोरेट दिवालिया समाधान प्रक्रिया, दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता के तहत वह प्रक्रिया है जिसमें एक दिवाला पेशेवर कंपनी का कामकाज संभालता है और लेनदार कंपनी को फिर से खड़ा करने या अपना बकाया वसूलने की योजना तलाशते हैं। इस प्रक्रिया में दाखिला धोखाधड़ी या कुप्रबंधन का निष्कर्ष नहीं है।
घोषणा में ये जानकारियां दी गई हैं:
- कंपनी 15 मई 1989 को बनी थी और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज, मुंबई में पंजीकृत है।
- इसका पंजीकृत कार्यालय मुंबई के ओपेरा हाउस स्थित पंचरत्न में है।
- प्रक्रिया पूरी होने की अनुमानित तारीख 25 अप्रैल 2027 है, यानी शुरुआत से 180 दिन।
- अभी तक लेनदारों की कोई श्रेणी तय नहीं हुई है और ऐसी श्रेणियों के लिए कोई अधिकृत प्रतिनिधि नामित नहीं हुआ है।
इसका क्या मतलब है
जिस किसी का भी कंपनी पर पैसा बकाया है, जैसे कर्ज देने वाले, आपूर्तिकर्ता, कर्मचारी और कामगार, उन्हें 10 नवंबर 2026 तक सबूत के साथ अपना दावा अंतरिम समाधान पेशेवर को जमा करना होगा। दावे घोषणा की प्रविष्टि 10 में दिए गए पत्राचार के पते और ईमेल पर भेजे जाने हैं।
बैंक और अन्य कर्जदाता जैसे वित्तीय लेनदारों को अपने दावे केवल इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जमा करने होंगे। बाकी सभी लेनदार खुद जाकर, डाक से या इलेक्ट्रॉनिक तरीके से दावा कर सकते हैं। घोषणा में चेतावनी दी गई है कि झूठे या भ्रामक सबूत देने पर जुर्माना लगेगा।
घोषणा के अनुसार दावा करने के फॉर्म IBBI के डाउनलोड पेज https://ibbi.gov.in/en/home/downloads पर उपलब्ध हैं।
स्रोत: IBBI public announcement
यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। यह निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है।