कार्रवाई
SEBI ने CDSL पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया, FY 2023-24 की जांच में खामियां मिलीं
SEBI के अधिनिर्णय अधिकारी ने डिपॉजिटरी CDSL पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। SEBI के अनुसार FY 2023-24 की जांच में गिरवी, साइबर सुरक्षा और डिजास्टर-रिकवरी अभ्यास में खामियां मिलीं।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (CDSL) पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। CDSL देश की उन दो डिपॉजिटरी में से एक है जो निवेशकों के शेयर इलेक्ट्रॉनिक (डीमैट) रूप में रखती हैं। 30 अक्टूबर 2026 का यह आदेश FY 2023-24 के लिए CDSL की SEBI जांच के बाद आया है।
क्या हुआ
आदेश के अनुसार, SEBI के अधिनिर्णय अधिकारी ने पाया कि CDSL ने अपने डिपॉजिटरी कामकाज में कई नियमों का पालन नहीं किया। इनमें गिरवी (प्लेज) का अनुरोध खारिज होने पर गिरवी रखने वाले और गिरवी लेने वाले के डिपॉजिटरी प्रतिभागियों को कारण न बताना, क्लाइंट सिक्योरिटीज खातों के लिए 11 नवंबर 2022 के SEBI सर्कुलर के तहत बने संयुक्त ढांचे का पालन न करना, डेटा के अनधिकृत प्रसारण को रोकने के अपर्याप्त उपाय, डिजास्टर-रिकवरी अभ्यास के दौरान कामकाज का अधूरा स्थानांतरण, SEBI की समयसीमा में सुरक्षा खामियों को ठीक न करना और अधूरी सुरक्षा जांच शामिल हैं।
आदेश में दर्ज है कि जांच अवधि में खारिज गिरवी के CDSL के डेटा में हर मामले के लिए एक ही टिप्पणी थी कि कारण केवल गिरवी लेने वाले के डिपॉजिटरी प्रतिभागी को पता है। CDSL का तर्क था कि कारण दर्ज करना अनिवार्य नहीं था और खामियां तकनीकी थीं। अधिकारी ने माना कि बाजार में डिपॉजिटरी की भूमिका को देखते हुए ये उल्लंघन तकनीकी नहीं, बल्कि गंभीर हैं। आदेश के अनुसार CDSL के सुधार के कदमों पर विचार किया गया और CDSL को कोई मापने योग्य लाभ या निवेशकों को नुकसान नहीं पाया गया। आदेश यह भी बताता है कि 20 जुलाई 2026 के एक अलग आदेश में CDSL पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
यह जुर्माना SEBI Act की Section 15HB के तहत लगाया गया है। CDSL को आदेश मिलने के 45 दिनों के भीतर भुगतान करना होगा, वरना वसूली की कार्रवाई हो सकती है।
इसका क्या मतलब है
निवेशकों के लिए यह आदेश याद दिलाता है कि शेयरों पर गिरवी न बनाने पर डिपॉजिटरी को कारण बताना होता है और अपने सिस्टम सुरक्षित तथा आपात स्थिति के लिए तैयार रखने होते हैं। यह नियामक का निष्कर्ष है और इसके खिलाफ प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (Securities Appellate Tribunal) में अपील की जा सकती है। किसी डिपॉजिटरी या डिपॉजिटरी प्रतिभागी के खिलाफ शिकायत SEBI के SCORES पोर्टल https://scores.sebi.gov.in पर की जा सकती है।
स्रोत: SEBI order
यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।
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