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SEBI ने ब्रोकर Inventure Growth पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया, एजेंट की निगरानी में चूक
SEBI ने स्टॉक ब्रोकर Inventure Growth and Securities पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। SEBI के अनुसार ब्रोकर ने अपने उस अधिकृत व्यक्ति की स्वतंत्र जांच नहीं की, जिसके टर्मिनल से एक ग्राहक के सौदे हुए थे।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने स्टॉक ब्रोकर Inventure Growth and Securities Ltd पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह 6 नवंबर 2026 के एक न्यायनिर्णयन आदेश में कहा गया है। SEBI ने पाया कि ब्रोकर ने अपने एक अधिकृत व्यक्ति, यानी उस एजेंट का स्वतंत्र ऑडिट नहीं किया, जिसके ट्रेडिंग टर्मिनल से एक ग्राहक के ऑर्डर लगाए गए थे।
क्या हुआ
SEBI ने 1 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2022 के बीच Inventure के एक ग्राहक की ट्रेडिंग की जांच की, जिस पर Axis Mutual Fund के सौदों की फ्रंट रनिंग का संदेह था। फ्रंट रनिंग का मतलब है किसी बड़े निवेशक के ऑर्डर की जानकारी के आधार पर उससे पहले सौदा करना। जांच SEBI की आंतरिक प्रणाली के अलर्ट से शुरू हुई। आदेश के अनुसार ग्राहक का खाता ब्रोकर के एक अधिकृत व्यक्ति के जरिए खोला गया था और सौदे उसी को दिए गए टर्मिनल से हुए।
11 नवंबर 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ। SEBI के नियमों के तहत ब्रोकर को अपने अधिकृत व्यक्तियों के दफ्तरों की समय-समय पर जांच करनी होती है, और NSE के नियमों के तहत हर एक की कम से कम तीन साल में एक बार जांच जरूरी है। न्यायनिर्णयन अधिकारी ने पाया कि Inventure ने जो दो आंतरिक ऑडिट रिपोर्ट दीं, उन पर कोई तारीख नहीं थी और उन पर केवल उसी अधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षर थे, इसलिए वे स्वतंत्र ऑडिट नहीं बल्कि स्व-घोषणा थीं। आदेश में ब्रोकर के एक प्रमोटर और निदेशक का बयान दर्ज है कि कोविड के दौरान फर्म ने टर्मिनलों की जांच करने के बजाय "भरोसे" पर काम किया। अधिकारी ने ब्रोकर की यह दलील खारिज कर दी कि उसने पूरी सावधानी बरती थी।
जुर्माना SEBI Act की धारा 15HB के तहत लगाया गया। आदेश के अनुसार रिकॉर्ड में किसी लाभ या निवेशकों को हुए नुकसान का पता नहीं चलता। आदेश में ब्रोकर के खिलाफ SEBI के पहले के आदेशों का भी जिक्र है।
इसका क्या मतलब है
ब्रोकर अपने अधिकृत व्यक्तियों के कामकाज के लिए जिम्मेदार होता है, और उनके दफ्तर उसकी शाखा माने जाते हैं। यह आदेश दिखाता है कि SEBI चाहता है कि ब्रोकर उन दफ्तरों की खुद जांच करें, न कि एजेंट की अपनी बात मान लें। Inventure को आदेश मिलने के 45 दिन के भीतर जुर्माना भरना होगा, वरना SEBI वसूली की कार्यवाही शुरू कर सकता है। यह नियामक का निष्कर्ष है और इसके खिलाफ प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (SAT) में अपील की जा सकती है। ब्रोकर के खिलाफ शिकायत के लिए निवेशक SEBI के SCORES पोर्टल https://scores.sebi.gov.in का उपयोग कर सकते हैं।
स्रोत: SEBI order
यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। यह निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है।