बाज़ार
SEBI ने Sojo Infotel के NCD पर गारंटी जैसे समर्थन के लिए Axis Capital को फटकार लगाई
SEBI ने पाया कि Sojo Infotel के 260 करोड़ रुपये के NCD इश्यू को Axis Capital का समर्थन असल में अंडरराइटिंग नहीं, गारंटी था, और उसके खिलाफ़ नियामकीय फटकार (censure) जारी की है।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने SEBI में पंजीकृत मर्चेंट बैंकर Axis Capital Limited के खिलाफ़ नियामकीय फटकार (regulatory censure) जारी की है। 28 अक्टूबर 2026 के आदेश में SEBI ने कहा कि Sojo Infotel Private Limited के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD, एक तरह का बॉन्ड) को Axis Capital का समर्थन असल में गारंटी था, न कि अनुमति वाली अंडरराइटिंग।
क्या हुआ
आदेश के अनुसार, Sojo Infotel ने 25 मार्च 2021 को 260 करोड़ रुपये के NCD जारी किए थे, जिनमें Axis Capital "सेल अरेंजर" थी। इन NCD की सुरक्षा के लिए आंशिक रूप से Sojo के प्रमोटरों के पास मौजूद Lava International Ltd के 26% शेयर गिरवी रखे गए थे। सितंबर 2023 में Sojo अपना कॉल ऑप्शन पूरी तरह नहीं निभा पाई, जिससे 174 करोड़ रुपये बकाया रह गए। आदेश के अनुसार Axis Capital ने 19 मार्च 2024 को Sojo के एस्क्रो खाते में 166.84 करोड़ रुपये जमा किए, जिनसे NCD और ब्याज चुकाया गया। आदेश कहता है कि इस लेन-देन के लिए Axis Capital ने लगभग 33 करोड़ रुपये फ़ीस ली।
SEBI ने पाया कि यह अंडरराइटिंग नहीं, बल्कि अंडरराइटिंग के रूप में "छिपाई गई" गारंटी थी, और Axis Capital ने असल में क्रेडिट जोखिम उठाया था। SEBI ने माना कि Axis Capital ने SEBI (मर्चेंट बैंकर्स) विनियमों के विनियम 13A का उल्लंघन किया। Axis Capital की दलील थी कि वह केवल सेल अरेंजर और अंडरराइटर के रूप में काम कर रही थी। आदेश में दर्ज है कि Axis Capital के अनुसार उसने अप्रैल 2023 से ऐसे सौदे बंद कर दिए थे और ये उसके कारोबार का लगभग 5-6% थे।
SEBI ने कहा कि रिकॉर्ड पर निवेशकों को नुकसान या धोखाधड़ी की नीयत से डिफ़ॉल्ट का कोई आरोप नहीं है, और इस कार्यवाही में वह मौद्रिक जुर्माना नहीं लगा सकता। उसने कहा कि उल्लंघन के इतने साल बाद कंपनी का कारोबार रोकना अनुपातहीन हो सकता है। 2024 का SEBI निर्देश, जो Axis Capital को डेट सेगमेंट में ऐसा क्रेडिट जोखिम कवर देने से रोकता है, अगले आदेश तक लागू रहेगा।
इसका क्या मतलब है
फटकार एक औपचारिक चेतावनी है; इससे Axis Capital का पंजीकरण निलंबित या रद्द नहीं होता। आदेश से संकेत मिलता है कि SEBI मर्चेंट बैंकरों द्वारा डेट इश्यू पर गारंटी जैसे समर्थन को उनकी अनुमत भूमिका से बाहर मानता है। SEBI के आदेश के खिलाफ़ प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (SAT) में अपील की जा सकती है। SEBI में पंजीकृत किसी मध्यस्थ के खिलाफ़ शिकायत के लिए निवेशक https://scores.sebi.gov.in का उपयोग कर सकते हैं।
स्रोत: SEBI order
यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। यह निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है।