कानूनी
SAT ने Ventura Securities पर MCX का 1.5 करोड़ रुपये का जुर्माना रद्द किया, रकम लौटाने का आदेश
प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (SAT) ने ब्रोकर Ventura Securities पर MCX का 1.5 करोड़ रुपये का जुर्माना रद्द कर दिया और एक्सचेंज को काटी गई रकम लौटाने तथा 1 लाख रुपये खर्च देने का आदेश दिया।
प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (SAT) ने 26 अक्टूबर 2026 को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX) द्वारा स्टॉकब्रोकर Ventura Securities Limited पर लगाया गया 1,49,63,325 रुपये, यानी करीब 1.5 करोड़ रुपये का जुर्माना रद्द कर दिया। न्यायाधिकरण ने MCX को ब्रोकर के खाते से काटे गए 1,76,56,723.50 रुपये (जुर्माना और GST) लौटाने और 1 लाख रुपये खर्च के रूप में देने का आदेश दिया।
क्या हुआ
MCX की एक मेंबर कमेटी ने 28 सितंबर 2026 को क्लाइंट-स्तर की ओपन पोजीशन सीमा के उल्लंघन पर यह जुर्माना लगाया था। यह सीमा तय करती है कि एक क्लाइंट कितने खुले सौदे रख सकता है। SAT के आदेश के अनुसार आरोप यह था कि ब्रोकर के एक क्लाइंट ने नेचुरल गैस ऑप्शंस में 2% की सीमा पार कर 27% तक पोजीशन ले ली थी। ब्रोकर ने Securities Contracts (Regulation) Act, 1956 की Section 23L के तहत अपील की।
न्यायाधिकरण के सामने ब्रोकर ने बताया कि जुर्माना आदेश पर हस्ताक्षर करने वालों में से एक, एक स्वतंत्र बाहरी विशेषज्ञ, 20 मार्च 2026 से कमेटी के सदस्य नहीं रह गए थे। MCX ने यह बात मानी, इसे सद्भावपूर्ण गलती बताया और मामले को दोबारा विचार के लिए वापस भेजने की मांग की। ब्रोकर ने यह भी कहा कि कोई अलर्ट नहीं दिया गया था और SEBI के 9 सितंबर 2026 के सर्कुलर के तहत अधिकतम जुर्माना 2 लाख रुपये ही हो सकता था। न्यायाधिकरण ने दर्ज किया कि MCX ने इन दलीलों का खंडन नहीं किया।
तीन सदस्यों की पीठ ने जुर्माना आदेश को कानूनन टिकाऊ नहीं माना और मामला वापस भेजने से इनकार कर दिया। उसने कहा कि 14 अक्टूबर 2026 को ब्रोकर के खाते से रकम काट ली गई थी, और एक एक्सचेंज, जो पहली पंक्ति का नियामक है, के ऐसे कदम को "स्वीकार नहीं किया जा सकता"। उसने काटी गई रकम तुरंत लौटाने का निर्देश दिया।
इसका क्या मतलब है
यह फैसला बताता है कि एक्सचेंज कमेटी का जुर्माना आदेश उन्हीं सदस्यों के हस्ताक्षर से होना चाहिए जो वास्तव में कमेटी में हों, और जुर्माना SEBI की तय सीमा के भीतर होना चाहिए। ब्रोकर को उसकी रकम खर्च सहित वापस मिलेगी। SAT के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की जा सकती है।
किसी ब्रोकर या एक्सचेंज के खिलाफ शिकायत SEBI के SCORES पोर्टल https://scores.sebi.gov.in पर दर्ज की जा सकती है।
स्रोत: SAT order
यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। यह निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है।