कार्रवाई
RBI ने बेंगलुरु के श्री गुरु राघवेंद्र सहकारा बैंक पर निर्देश मई 2027 तक बढ़ाए
भारतीय रिज़र्व बैंक ने बेंगलुरु के श्री गुरु राघवेंद्र सहकारा बैंक नियमिता पर लागू अपने निर्देश छह महीने बढ़ाकर 10 मई 2027 तक कर दिए हैं, जिनकी समीक्षा होती रहेगी।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने बेंगलुरु के सहकारी बैंक श्री गुरु राघवेंद्र सहकारा बैंक नियमिता पर लागू अपने निर्देश छह महीने के लिए और बढ़ा दिए हैं। ये निर्देश 10 नवंबर 2026 को कारोबार बंद होने पर समाप्त होने वाले थे, अब 10 मई 2027 को कारोबार बंद होने तक लागू रहेंगे और इनकी समीक्षा होती रहेगी। RBI ने यह जानकारी 6 नवंबर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति में दी।
क्या हुआ
RBI ने बैंक को ये निर्देश पहली बार 2 जनवरी 2020 को बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की Section 35A और Section 56 के तहत जारी किए थे। Section 35A के तहत RBI जनहित में किसी बैंक को बाध्यकारी निर्देश दे सकता है।
मूल निर्देश छह महीने के लिए, 10 जुलाई 2020 को कारोबार बंद होने तक, जारी हुआ था। तब से इसे बढ़ाया जाता रहा है और बैंक लगभग सात साल से इन निर्देशों के तहत है।
ताज़ा विज्ञप्ति में RBI ने कहा कि वह संतुष्ट है कि जनहित में इस निर्देश को 10 नवंबर 2026 के बाद भी जारी रखना ज़रूरी है। Section 35A की उप-धारा (1) के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उसने निर्देश को 10 नवंबर 2026 को कारोबार बंद होने से 10 मई 2027 को कारोबार बंद होने तक, छह महीने और बढ़ा दिया है।
RBI ने दो बातें और कहीं। इस विस्तार या निर्देश में किसी बदलाव का यह मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए कि RBI बैंक की वित्तीय स्थिति से संतुष्ट है। साथ ही, निर्देश की बाकी सभी शर्तें पहले जैसी रहेंगी।
इसका क्या मतलब है
बैंक के जमाकर्ताओं और कर्ज़दारों के लिए फ़िलहाल कुछ नहीं बदला है। निर्देश के तहत बैंक पर जो भी शर्तें लगी हैं, वे कम से कम 10 मई 2027 तक लागू रहेंगी, और RBI इससे पहले भी उनकी समीक्षा कर सकता है या उन्हें बदल सकता है।
विज्ञप्ति में इन शर्तों का ब्योरा दोबारा नहीं दिया गया है। जो ग्राहक जानना चाहते हैं कि यह निर्देश उनकी जमा या कर्ज़ पर कैसे लागू होता है, वे सीधे बैंक से पूछें और जवाब का लिखित रिकॉर्ड रखें।
RBI का यह कहना कि विस्तार बैंक की वित्तीय स्थिति से संतुष्टि का संकेत नहीं है, बताता है कि बैंक कड़ी निगरानी में बना हुआ है। जमाकर्ताओं को 10 मई 2027 से पहले बैंक पर RBI की आगे की विज्ञप्तियों पर नज़र रखनी चाहिए।
स्रोत: RBI press release
यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।
इस रिपोर्ट में आपका नाम है, या कोई गलती दिखी? सुधार और जवाब के लिए लिखें: editor@oquilia.com