कंपनी मामले
RBI ने फ्रीलांसरों और छोटे सेवा निर्यात के लिए कागजी प्रक्रिया आसान की
RBI ने कहा कि सेवाएं निर्यात करने वाले निवासी व्यक्ति बैंक को भुगतान का ब्योरा देकर ही एक्सपोर्ट डिक्लेरेशन फॉर्म जमा किया माना जाएगा; नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू हैं।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने सेवाओं का निर्यात करने वाले निवासी व्यक्तियों, जैसे विदेश से भुगतान पाने वाले फ्रीलांसरों, और दूसरों के छोटे सेवा निर्यात व आयात के लिए कागजी प्रक्रिया आसान कर दी है। निर्यात और आयात से जुड़े विदेशी मुद्रा नियमों में यह संशोधन 2 नवंबर 2026 को अधिसूचित हुआ और 1 अक्टूबर 2026 से लागू है।
क्या हुआ
RBI ने Foreign Exchange Management Act, 1999 के तहत Notification No. FEMA 23(R)/(2)/2026-RB, यानी Foreign Exchange Management (Export and Import of Goods and Services) (Second Amendment) Regulations, 2026 जारी किया। यह 13 जनवरी 2026 को अधिसूचित मूल नियमों में संशोधन करता है।
संशोधन में एक नई परिभाषा जोड़ी गई है: "निवासी व्यक्ति" यानी भारत में निवासी कोई प्राकृतिक व्यक्ति।
सेवाओं के निर्यात के लिए RBI ने कहा कि निवासी व्यक्ति निर्यातक ने एक्सपोर्ट डिक्लेरेशन फॉर्म (EDF) जमा किया माना जाएगा, जब वह भुगतान की प्राप्ति से जुड़ी जरूरी जानकारी अपने खाते में राशि जमा कराने के लिए अपने ऑथराइज्ड डीलर बैंक को देगा। जो सेवा निर्यातक निवासी व्यक्ति नहीं है, जैसे कोई फर्म या कंपनी, उसके लिए भी यही नियम लागू होगा, बशर्ते सेवा के लिए आने वाली राशि 10 लाख रुपये या उसके बराबर विदेशी मुद्रा से अधिक न हो।
सेवाओं के आयात के लिए, ऑथराइज्ड डीलर बैंक को अब RBI की आयात निगरानी प्रणाली IDPMS में ब्योरा तभी दर्ज करना होगा, जब आयातक निवासी व्यक्ति न हो और इनवॉइस या अनुबंध का मूल्य 10 लाख रुपये या उसके बराबर विदेशी मुद्रा से अधिक हो। बैंक को ब्योरा मिलने के पांच कार्य दिवस के भीतर यह करना होगा।
अधिसूचना 2 नवंबर 2026 को आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित हुई।
इसका क्या मतलब है
भारत में रहकर विदेश से सेवाओं, जैसे सॉफ्टवेयर, डिज़ाइन, लेखन या कंसल्टिंग, के लिए कमाई करने वाले व्यक्ति को अब अलग से एक्सपोर्ट डिक्लेरेशन नहीं देना होगा: पैसा जमा करने वाले बैंक को भुगतान का ब्योरा देना ही काफी माना जाएगा। सेवाएं निर्यात करने वाले कारोबारों को 10 लाख रुपये तक की राशि पर यही सुविधा मिलेगी। सेवाओं के आयात में बैंकों को सिर्फ गैर-व्यक्तियों के 10 लाख रुपये से अधिक के भुगतान ही आयात निगरानी प्रणाली में दर्ज करने होंगे। निर्यातक और आयातक अपने ऑथराइज्ड डीलर बैंक से जरूरी जानकारी के बारे में पूछ सकते हैं, और बैंक की सेवा को लेकर शिकायत https://cms.rbi.org.in पर कर सकते हैं।
स्रोत: RBI notification
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