कानूनी
राजस्थान हाई कोर्ट: SBI केवल विवादित रकम फ्रीज़ रखे, बाकी खाता चालू करे
राजस्थान हाई कोर्ट ने SBI को निर्देश दिया कि खाताधारक के खाते में केवल विवादित रकम फ्रीज़ रखी जाए और बाकी बैलेंस से लेन-देन की अनुमति दी जाए।
राजस्थान हाई कोर्ट की जोधपुर पीठ ने 26 अक्टूबर 2026 को State Bank of India को निर्देश दिया कि वह एक खाताधारक के खाते में केवल विवादित रकम को फ्रीज़ रखे और बाकी बैलेंस इस्तेमाल करने दे। खाताधारक ने पूरे खाते पर लगी रोक हटाने की मांग की थी। आदेश में पुलिस को बैंक को रोकी जाने वाली रकम बताने के लिए सात दिन का समय दिया गया है।
क्या हुआ
जोधपुर ज़िले में SBI की बिलाड़ा शाखा के एक खाताधारक ने रिट याचिका दायर कर मांग की थी कि उनका खाता डी-फ्रीज़ किया जाए और भविष्य में सुनवाई का मौका दिए बिना खाता फ्रीज़ न किया जाए। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा (उप महानिरीक्षक के ज़रिए) और राजस्थान सरकार भी इस मामले में पक्षकार थे।
कोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए SBI को निर्देश दिया कि वह केवल विवादित रकम फ्रीज़ रखे, जिसे जांच अधिकारी या पुलिस अपराध का स्रोत बताती है, और बाकी बैलेंस से लेन-देन करने दे।
कोर्ट ने कहा कि अगर बैंक को विवादित रकम की सही जानकारी नहीं है, तो वह आदेश की प्रति के साथ जांच अधिकारी या पुलिस को पत्र लिखकर पूछे कि कितनी रकम पर लियन (यानी रोककर रखी गई रकम, जिसे निकाला नहीं जा सकता) लगाई जाए। पत्र मिलने के सात दिन के भीतर पुलिस को बैंक को यह रकम बतानी होगी। कोर्ट ने कहा कि अगर बैंक को कोई जवाब नहीं मिलता, तब भी उसे इस आदेश के अनुसार कार्रवाई करनी होगी।
इसका क्या मतलब है
यह आदेश दिखाता है कि पुलिस मामले में पूरा खाता फ्रीज़ होने पर हाई कोर्ट ने क्या रास्ता अपनाया: केवल विवादित रकम रोकी जाए और खाताधारक बाकी पैसा इस्तेमाल कर सके। आदेश पुलिस पर यह बताने की समय-सीमा भी तय करता है कि कितनी रकम रोकनी है, ताकि जवाब न आने पर पूरा बैलेंस अटका न रहे।
जिन खाताधारकों के खाते फ्रीज़ हैं, वे अपने बैंक से पूछ सकते हैं कि कितनी रकम पर लियन है और किस प्राधिकरण ने इसकी मांग की है। बैंक के व्यवहार से जुड़ी शिकायत RBI से https://cms.rbi.org.in पर की जा सकती है। ऑनलाइन धोखाधड़ी में पैसा गंवाने वाले https://cybercrime.gov.in पर या हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत कर सकते हैं।
स्रोत: High Court judgment
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