कानूनी
राजस्थान हाईकोर्ट: SARFAESI के तहत कब्जा दिलाने में पुलिस मदद के लिए बैंक से शुल्क नहीं
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि SARFAESI के तहत कब्जे के आदेश लागू कराने के लिए राज्य को बिना शुल्क पुलिस मदद देनी होगी; अदालत ने AU Small Finance Bank की अपीलें मंजूर कीं।

फ़ोटो: Steven Bornholtz / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0 (क्रॉप की गई)। सांकेतिक तस्वीर।
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि SARFAESI कानून के तहत कब्जे के आदेश लागू कराने के लिए राज्य सरकार को पुलिस मदद देनी होगी और इसके लिए कर्ज देने वाले से कोई शुल्क नहीं लिया जा सकता। जोधपुर की खंडपीठ ने 29 अक्टूबर 2026 को AU Small Finance Bank की अपीलों के समूह को मंजूर करते हुए 12 अगस्त 2026 का वह आदेश रद्द कर दिया, जिसमें बैंक से पुलिस बल का खर्च चुकाने को कहा गया था।
क्या हुआ
SARFAESI कानून बैंकों और अन्य सुरक्षित कर्जदाताओं को सिविल अदालत गए बिना उस संपत्ति पर कब्जा लेने की इजाजत देता है, जो बकाया कर्ज के बदले गिरवी रखी गई हो। कानून की धारा 14 के तहत चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट या जिला मजिस्ट्रेट कर्जदाता को ऐसी संपत्ति का कब्जा दिलाने का आदेश दे सकते हैं, और आदेश लागू करने वाले अधिकारी पुलिस की मदद ले सकते हैं।
बैंक के मामलों में हाईकोर्ट की एकल पीठ ने उसे धारा 14 के आदेश लागू कराने के लिए जरूरी अतिरिक्त पुलिस बल के बदले Rajasthan Police Rules, 2008 के नियम 10 में तय दरों पर शुल्क जमा करने का निर्देश दिया था। बैंक ने इसके खिलाफ अपील की।
खंडपीठ ने कहा कि धारा 14 के आदेश लागू कराने के लिए मांगी गई पुलिस मदद राज्य के वैधानिक कर्तव्य का हिस्सा है और इसका स्वरूप राज्य के संप्रभु कार्य जैसा है। अदालत ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि मूल कर्ज एक व्यावसायिक लेनदेन है, इसका खर्च कर्जदाता पर नहीं डाला जा सकता। अदालत के मुताबिक Rajasthan Police Act, 2007 की धारा 46, जो कुछ निजी आयोजनों और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस पर शुल्क की इजाजत देती है, धारा 14 के आदेशों के लिए पुलिस मदद पर लागू नहीं होती। अदालत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक मिलते-जुलते फैसले का भी हवाला दिया।
अदालत ने राज्य को निर्देश दिया कि वह धारा 14 के आदेश लागू कराने के लिए जरूरी पुलिस बल बिना कोई शुल्क लिए उपलब्ध कराए।
इसका क्या मतलब है
राजस्थान में धारा 14 का आदेश रखने वाले कर्जदाता अब राज्य को भुगतान किए बिना पुलिस मदद मांग सकते हैं, जो अदालत के मुताबिक SARFAESI कानून के उद्देश्यों को पूरा करने में मदद करेगा। कर्जदारों के लिए यह फैसला यह नहीं बदलता कि कर्जदाता कब कब्जा ले सकता है; यह सिर्फ तय करता है कि पुलिस मदद का खर्च कौन उठाएगा। जिस कर्जदार को लगता है कि बैंक की वसूली कार्रवाई गलत है, वह RBI से https://cms.rbi.org.in पर शिकायत कर सकता है।
स्रोत: High Court judgment
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