कानूनी
राजस्थान हाई कोर्ट: HDFC Bank खाता फ्रीज मामले में पहले साइबर शिकायत निवारण तंत्र अपनाएं
राजस्थान हाई कोर्ट ने HDFC Bank खाता फ्रीज के खिलाफ जयपुर के एक कारोबार की याचिका निपटाते हुए कहा कि गृह मंत्रालय का शिकायत तंत्र अपनाए बिना दायर रिट सामान्यतः समय से पहले है।
राजस्थान हाई कोर्ट की जयपुर पीठ ने 13 October 2026 को जयपुर के एक कारोबार की रिट याचिका का निपटारा किया, जिसका HDFC Bank खाता साइबर अपराध जांच के सिलसिले में फ्रीज किया गया था। कोर्ट ने कहा कि खाताधारक को हाई कोर्ट आने से पहले सामान्यतः गृह मंत्रालय द्वारा तय शिकायत निवारण तंत्र का इस्तेमाल करना चाहिए।
क्या हुआ
HDFC Bank की जौहरी बाजार शाखा में खाता रखने वाले इस कारोबार ने खाते से काटे गए 67,500 रुपये लौटाने, खाते और उसकी POS/QR भुगतान मशीन का सामान्य संचालन बहाल करने, और 98,500 रुपये की बाकी रकम पर किसी सख्त कार्रवाई पर रोक की मांग की थी। प्रतिवादियों में HDFC Bank और राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की पुलिस इकाइयां शामिल थीं।
कोर्ट ने कहा कि खाता फ्रीज होने से खाताधारक को निस्संदेह नुकसान होता है, लेकिन साइबर अपराध की कमाई कम समय में कई खातों से गुजर सकती है, इसलिए सिर्फ पहले नोटिस न देने के आधार पर तुरंत की गई रोकथाम की कार्रवाई को मनमाना नहीं कहा जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि यह शक्ति सावधानी से और कथित धोखाधड़ी वाले लेनदेन के अनुपात में इस्तेमाल होनी चाहिए, और बिना समीक्षा के रोक अनुचित रूप से लंबे समय तक नहीं चल सकती।
कोर्ट ने हाई कोर्ट की जोधपुर मुख्य पीठ के 12 August 2026 के एक पूर्व फैसले और गृह मंत्रालय द्वारा National Cyber Crime Reporting Portal (NCRP-CFCFRMS) के तहत 2 January 2026 को जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का हवाला दिया। ये जांच के अधीन आरोप हैं, दोष के निष्कर्ष नहीं; अदालत में दोष सिद्ध होने तक आरोपी निर्दोष माने जाते हैं, और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
इसका क्या मतलब है
कोर्ट के अनुसार SOP के तहत जिस खाताधारक का खाता रोका गया हो या डिजिटल बैंकिंग निलंबित की गई हो, वह नामित जिला शिकायत अधिकारी के पास शिकायत कर सकता है, तय अवधि में राज्य शिकायत अधिकारी के पास अपील कर सकता है, और जरूरत पड़ने पर खाता डीफ्रीज कराने के लिए संबंधित अदालत जा सकता है। बैंकों और जांच एजेंसियों को तय समय में जानकारी देनी और कार्रवाई करनी होगी।
कोर्ट ने कहा कि यह रास्ता अपनाए बिना खाता डीफ्रीज कराने की रिट सामान्यतः समय से पहले मानी जाएगी। ऑनलाइन धोखाधड़ी में पैसा गंवाने वाला कोई भी व्यक्ति https://cybercrime.gov.in पर या हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत कर सकता है।
स्रोत: High Court judgment
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