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राजस्थान हाई कोर्ट: SARFAESI कब्जे के लिए बैंकों को पुलिस सहायता मुफ्त मिलेगी

राजस्थान हाई कोर्ट ने 29 अक्टूबर 2026 को कहा कि SARFAESI Act की Section 14 के तहत संपत्ति का कब्जा लेने में पुलिस सहायता के लिए राज्य बैंकों से शुल्क नहीं ले सकता।

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आधिकारिक स्रोतRajasthan High Court
कानूनी / 30 अक्टूबर 2026

राजस्थान हाई कोर्ट ने कहा है कि SARFAESI Act के तहत गिरवी रखी संपत्ति का कब्जा लेने वाले बैंकों को राज्य पुलिस सहायता बिना कोई शुल्क लिए देगा। 29 अक्टूबर 2026 को सुनाए गए फैसले में जोधपुर की खंडपीठ ने AU Small Finance Bank की कई अपीलें स्वीकार कीं और वह पिछला आदेश रद्द कर दिया जिसमें बैंक से पुलिस बल का खर्च भरने को कहा गया था।

क्या हुआ

SARFAESI Act बैंकों को यह अधिकार देता है कि वे फंसे हुए कर्ज की वसूली के लिए जमानत के तौर पर रखी संपत्ति पर कब्जा ले सकें। इस कानून की Section 14 के तहत जिला मजिस्ट्रेट या मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट आदेश दे सकते हैं कि कब्जा कर्जदाता को सौंपा जाए, और जरूरत हो तो बल का प्रयोग किया जाए। AU Small Finance Bank ने राजस्थान के कई जिलों में ऐसे आदेश लागू कराने के लिए पुलिस सहायता मांगी थी।

12 अगस्त 2026 को एकल न्यायाधीश ने बैंक की मांग खारिज कर दी थी और उसे अतिरिक्त पुलिस बल के लिए Rajasthan Police Rules, 2008 के Rule 10 में तय दरों पर शुल्क जमा करने का निर्देश दिया था। बैंक ने इसके खिलाफ अपील की।

खंडपीठ ने कहा कि Section 14 के आदेश को लागू कराने में पुलिस सहायता देना राज्य का वैधानिक दायित्व है और यह संप्रभु कार्य की प्रकृति का है। कोर्ट ने कहा कि Rajasthan Police Act, 2007 की Section 46 कुछ परिस्थितियों में अतिरिक्त पुलिस बल के लिए शुल्क लेने की अनुमति देती है, लेकिन SARFAESI Act की Section 14 के आदेश लागू कराने के लिए पुलिस तैनाती पर शुल्क का प्रावधान नहीं करती। कोर्ट ने यह भी कहा कि कर्ज का लेनदेन व्यावसायिक होने से यह स्थिति नहीं बदलती। कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के 2024 के एक फैसले का भी हवाला दिया कि कब्जा वास्तव में सौंपा जाए, यह देखना मजिस्ट्रेट का कर्तव्य है, कर्जदाता का नहीं।

कोर्ट ने 12 अगस्त 2026 का आदेश रद्द कर दिया और राज्य को निर्देश दिया कि Section 14 के आदेश लागू कराने के लिए आवश्यक पुलिस बल बिना कोई शुल्क लिए उपलब्ध कराए।

इसका क्या मतलब है

राजस्थान में बैंकों और अन्य कर्जदाताओं को SARFAESI के तहत मजिस्ट्रेट के आदेश से कब्जा लेने के लिए अब पुलिस का बिल नहीं भरना चाहिए। जिन कर्जदारों ने सुरक्षित कर्ज नहीं चुकाया है, उनके लिए इसका मतलब है कि Section 14 का आदेश पारित होने के बाद मजिस्ट्रेट और पुलिस कर्जदाता को कब्जा दिलाने में मदद करने के लिए बाध्य हैं।

स्रोत: High Court judgment

यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। यह निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है।