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Quasar India दिवालिया प्रक्रिया में; लेनदारों को 14 नवंबर तक दावे दाखिल करने होंगे

IBBI की वेबसाइट पर प्रकाशित सार्वजनिक सूचना के अनुसार, NCLT की नई दिल्ली पीठ ने 31 अक्टूबर 2026 को Quasar India Limited को दिवालिया प्रक्रिया में शामिल किया। लेनदारों को 14 नवंबर 2026 तक दावे दाखिल करने होंगे।

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आधिकारिक स्रोतInsolvency and Bankruptcy Board of India
An empty meeting room with a timber table and black chairs

फ़ोटो: Crew crew / Wikimedia Commons, CC0 1.0 (क्रॉप की गई)। सांकेतिक तस्वीर।

भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड (IBBI) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक सार्वजनिक सूचना के अनुसार, नई दिल्ली में पंजीकृत कंपनी Quasar India Limited कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया में चली गई है। राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) की नई दिल्ली पीठ, कोर्ट-V ने 31 अक्टूबर 2026 से यह प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया। कंपनी के लेनदारों को 14 नवंबर 2026 तक अपने दावे जमा करने होंगे।

क्या हुआ

IBBI के दिवाला नियमों के तहत मानक फॉर्म A में जारी सूचना के अनुसार, न्यायाधिकरण ने 31 अक्टूबर 2026 को कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया, और यह आदेश 3 नवंबर 2026 को NCLT की वेबसाइट पर अपलोड हुआ। कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता के तहत वह प्रक्रिया है, जिसमें कंपनी के लेनदार उसे फिर से खड़ा करने या अपना बकाया वसूलने की योजना पर सहमति बनाने की कोशिश करते हैं।

सूचना के अनुसार, कंपनी का पंजीकृत कार्यालय नई दिल्ली के लक्ष्मी नगर में है और यह कंपनी रजिस्ट्रार, दिल्ली के पास पंजीकृत है। सूचना में अनुमान है कि दिवाला प्रक्रिया 29 अप्रैल 2027 तक पूरी होगी।

प्रक्रिया चलाने और दावे जुटाने के लिए एक अंतरिम समाधान पेशेवर नियुक्त किया गया है। सूचना के अनुसार इस प्रक्रिया में लेनदारों का कोई अलग वर्ग चिह्नित नहीं किया गया है।

इसका क्या मतलब है

जिस किसी का भी कंपनी पर पैसा बकाया है, जैसे कर्जदाता, आपूर्तिकर्ता, कर्मचारी या अन्य लेनदार, उन्हें 14 नवंबर 2026 को या उससे पहले सूचना में दिए पते पर अंतरिम समाधान पेशेवर के पास सबूत के साथ अपना दावा जमा करना होगा। बैंक और अन्य कर्जदाता जैसे वित्तीय लेनदारों को अपने दावे केवल इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दाखिल करने होंगे। बाकी सभी लेनदार अपने दावे खुद जाकर, डाक से या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जमा कर सकते हैं।

सूचना में चेतावनी दी गई है कि झूठे या भ्रामक दावे जमा करने पर जुर्माना लगेगा। लेनदार अंतरिम समाधान पेशेवर के संपर्क विवरण के साथ पूरी सूचना IBBI की वेबसाइट पर देख सकते हैं।

दिवाला प्रक्रिया में शामिल होना कंपनी की ओर से धोखाधड़ी या कुप्रबंधन का निष्कर्ष नहीं है। इससे कंपनी के कर्ज सुलझाने की एक समयबद्ध प्रक्रिया शुरू होती है, और न्यायाधिकरण के आदेश के खिलाफ राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) में अपील की जा सकती है।

स्रोत: IBBI public announcement

यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। यह निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है।