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कंपनी मामले

NCLT मुंबई ने 518.89 करोड़ के कर्ज़ पर डायनामिक्स सिक्योरिटीज़ को दिवाला प्रक्रिया में भेजा

NCLT मुंबई बेंच ने डीबी व्यू इन्फ्राकॉन की याचिका पर डायनामिक्स सिक्योरिटीज़ एंड होल्डिंग्स को दिवाला प्रक्रिया में भर्ती किया; याचिका में Yes Bank से लिए गए कर्ज़ पर 518.89 करोड़ रुपये के डिफॉल्ट का दावा था।

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आधिकारिक स्रोतNational Company Law Tribunal
कंपनी मामले / 2 नवंबर 2026

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मुंबई बेंच-II ने 518.89 करोड़ रुपये के कर्ज़ के मामले में डायनामिक्स सिक्योरिटीज़ एंड होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड को कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी रेज़ोल्यूशन प्रोसेस (दिवाला समाधान प्रक्रिया) में भर्ती कर लिया है। 30 अक्टूबर 2026 को सुनाए गए आदेश में डीबी व्यू इन्फ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड की याचिका मंज़ूर की गई, जिसका कहना है कि उसने कंपनी का Yes Bank वाला कर्ज़ अपने नाम ले लिया था।

क्या हुआ

आदेश के अनुसार, Yes Bank ने मार्च 2014 में डायनामिक्स सिक्योरिटीज़ एंड होल्डिंग्स को 154 करोड़ रुपये का टर्म लोन मंज़ूर किया था। 31 मार्च 2016 के असाइनमेंट डीड के ज़रिये बैंक ने पूरा कर्ज़, जो तब 163.49 करोड़ रुपये था, डीबी व्यू इन्फ्राकॉन को सौंप दिया। याचिका में ब्याज समेत कुल 518.89 करोड़ रुपये के डिफॉल्ट का दावा किया गया।

आदेश में दर्ज है कि कंपनी 19 सितंबर 2017 को बॉम्बे हाई कोर्ट में एक सहमति डिक्री (कंसेंट डिक्री) पर राज़ी हुई थी, जिसमें उसे चुकाने के लिए नौ महीने मिले थे। ट्रिब्यूनल ने माना कि यह अवधि खत्म होने पर 19 जून 2018 को डिफॉल्ट हुआ, और यह डिक्री कर्ज़ की लिखित स्वीकृति थी।

नोटिस के बावजूद कंपनी पेश नहीं हुई और ट्रिब्यूनल ने मामले की सुनवाई एकतरफा, यानी उसकी गैरमौजूदगी में की। मुख्य सवाल यह था कि 9 अप्रैल 2024 को दायर याचिका समय-सीमा के बाद तो नहीं थी। ट्रिब्यूनल ने 308 दिन की देरी पाई। वह पहले ही 303 दिन की देरी माफ कर चुका था, और इस अंतर को गणना की गलती बताते हुए उसने बाकी पांच दिन भी माफ कर दिए।

ट्रिब्यूनल ने कर्ज़ और डिफॉल्ट को साबित माना और इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड की Section 7 के तहत याचिका स्वीकार कर ली। उसने मोरेटोरियम घोषित किया, जिससे कंपनी के खिलाफ मुकदमे, वसूली की कार्रवाई और उसकी संपत्ति की बिक्री रुक जाती है, और प्रबंधन संभालने के लिए एक अंतरिम रेज़ोल्यूशन प्रोफेशनल नियुक्त किया। दिवाला प्रक्रिया में भर्ती होना धोखाधड़ी या कुप्रबंधन का निष्कर्ष नहीं है।

इसका क्या मतलब है

अब डायनामिक्स सिक्योरिटीज़ एंड होल्डिंग्स का नियंत्रण उसके बोर्ड से अंतरिम रेज़ोल्यूशन प्रोफेशनल के पास चला जाता है, जिसे दावे मंगाने के लिए सार्वजनिक घोषणा जारी करनी होगी। जिन लोगों का कंपनी पर पैसा बकाया है, जिनमें कर्ज़दाता, सप्लायर और कर्मचारी शामिल हैं, उन्हें IBBI की वेबसाइट पर उस घोषणा पर नज़र रखनी चाहिए और तय समय-सीमा तक दावा दाखिल करना चाहिए। इस आदेश के खिलाफ नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) में अपील की जा सकती है।

स्रोत: NCLT order

यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। यह निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है।