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कंपनी मामले

NCLT कोलकाता ने NBFC की याचिका पर बारासात रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को दिवाला प्रक्रिया में डाला

NCLT की कोलकाता पीठ ने 16 अक्टूबर 2026 को एक NBFC की याचिका पर लगभग 1.25 करोड़ रुपये के कथित डिफॉल्ट को लेकर बारासात रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को दिवाला प्रक्रिया में शामिल किया।

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आधिकारिक स्रोतNational Company Law Tribunal
कंपनी मामले / 25 अक्टूबर 2026

राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) की कोलकाता पीठ ने बारासात रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया में शामिल कर लिया है। 16 अक्टूबर 2026 को सुनाया गया यह आदेश गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) के.एल. सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर आया, जिसने 11 जून 2025 तक 1,25,22,095 रुपये के डिफॉल्ट का दावा किया था।

क्या हुआ

आदेश के अनुसार, NBFC ने कहा कि उसने फरवरी और मार्च 2020 में तीन किस्तों में कंपनी को 1.05 करोड़ रुपये का अल्पकालिक कर्ज तिमाही ब्याज पर दिया था। उसने न्यायाधिकरण को बताया कि कंपनी ने 2021-22 वित्त वर्ष तक ब्याज चुकाया, 14 अप्रैल 2023 को 5 लाख रुपये का भुगतान किया और बाद में 1 अप्रैल 2024 के हस्ताक्षरित खाता पुष्टि पत्र में 1,22,47,286 रुपये की बकाया राशि की पुष्टि की।

कंपनी ने याचिका का विरोध किया। आदेश के अनुसार, उसकी दलील थी कि ब्याज दर उसकी सहमति के बिना बढ़ाई गई, कुछ भुगतान दर्ज नहीं किए गए, समूह कंपनियों के बीच के बकाये का समायोजन होना चाहिए, और वह आर्थिक रूप से सक्षम है। आदेश में दर्ज है कि कंपनी ने कर्ज लेना स्वीकार किया।

न्यायाधिकरण ने माना कि जब वह संतुष्ट हो जाए कि डिफॉल्ट हुआ है, आवेदन पूरा है और प्रस्तावित अंतरिम समाधान पेशेवर के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित नहीं है, तो वह आवेदन स्वीकार करने के लिए बाध्य है। इन शर्तों को पूरा पाकर उसने याचिका स्वीकार की और एक अंतरिम समाधान पेशेवर नियुक्त किया।

इसका क्या मतलब है

दिवाला प्रक्रिया में शामिल किया जाना धोखाधड़ी या कुप्रबंधन का निष्कर्ष नहीं है। दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता की Section 14 के तहत मोरेटोरियम अब कंपनी के खिलाफ मुकदमों, उसकी संपत्तियों की बिक्री और SARFAESI Act समेत सुरक्षा की वसूली पर रोक लगाता है। कंपनी का नियंत्रण अंतरिम समाधान पेशेवर के पास चला गया है, जिसे तीन दिनों के भीतर दावे आमंत्रित करते हुए सार्वजनिक घोषणा करनी है।

कंपनी के लेनदार, जिनमें कोई भी घर खरीदार शामिल हैं, उस घोषणा पर नजर रखें, जिसमें बताया जाएगा कि दावे कैसे और कब तक दाखिल करने हैं। न्यायाधिकरण ने प्रगति रिपोर्ट के लिए मामले को 30 नवंबर 2026 को सूचीबद्ध किया है। NCLT के इस आदेश के खिलाफ राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) में अपील की जा सकती है।

स्रोत: NCLT order

यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। यह निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है।