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कंपनी मामले

NCLT ने Euro Ceramics के पूर्व लिक्विडेटर को अतिरिक्त फीस मामले में अवमानना का दोषी ठहराया

NCLT मुंबई ने Euro Ceramics के एक पूर्व लिक्विडेटर को 72,51,530 रुपये न लौटाने पर अवमानना का दोषी ठहराया। ट्रिब्यूनल के अनुसार यह रकम अतिरिक्त फीस के रूप में निकाली गई थी। उन पर 2,000 रुपये जुर्माना लगाया गया।

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आधिकारिक स्रोतNational Company Law Tribunal
Timeline: NCLT orders the former liquidator to refund Rs 72,51,530 on 31 October 2025, NCLAT upholds on 24 February 2026, a review application is filed on 2 September 2026, contempt finding with a Rs 2,000 fine on 29 October 2026, next listing 30 November 2026.
ओक्विलिया ग्राफ़िक। स्रोत: NCLT Mumbai order, 29 October 2026

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), मुंबई बेंच-I ने Euro Ceramics Limited के एक पूर्व लिक्विडेटर को अपने आदेश का पालन न करने पर अवमानना का दोषी ठहराया है। ट्रिब्यूनल ने पाया था कि उन्होंने कंपनी के लिक्विडेशन खाते से 72,51,530 रुपये (लगभग 72.52 लाख रुपये) अतिरिक्त फीस के रूप में निकाले थे और उन्हें यह रकम लौटाने को कहा था। 29 अक्टूबर 2026 को सुनाए गए आदेश में ट्रिब्यूनल ने उन पर 2,000 रुपये जुर्माना लगाया और रकम लौटाने के लिए 30 दिन दिए, ऐसा न करने पर उन्हें एक हफ्ते की साधारण कैद भुगतनी होगी।

क्या हुआ

Euro Ceramics Limited लिक्विडेशन में है, जो दिवाला प्रक्रिया में कंपनी को बंद करने का चरण है। यह मामला Anchor Leasing Private Limited ने शुरू किया था। 31 अक्टूबर 2025 को NCLT ने पाया कि पूर्व लिक्विडेटर ने कंपनी के खाते से अतिरिक्त फीस निकाली थी और उन्हें GST और लागू ब्याज के साथ 72,51,530 रुपये लौटाने का आदेश दिया। आदेश के अनुसार, NCLAT ने 24 फरवरी 2026 को इसे बरकरार रखा और सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अपील खारिज कर दी। 2 सितंबर 2026 को उनकी दायर पुनर्विचार अर्जी लंबित है।

रकम वापस न मिलने पर मौजूदा लिक्विडेटर ने अवमानना की कार्यवाही की मांग की। पूर्व लिक्विडेटर ने दलील दी कि यह ज्यादा से ज्यादा आदेश लागू कराने (execution) का मामला है और रकम में से 23,51,710 रुपये GST था, जो वह पहले ही चुका चुके हैं। ट्रिब्यूनल ने कहा कि अपीलें खारिज होने के बाद रकम देय है, और अधिकतम केवल अतिरिक्त फीस पर लगा GST ही घटाया जा सकता है। उसने कहा कि लिक्विडेटर को कंपनी की संपत्ति सौंपी जाती है और निकासी पर सवाल उठते ही उन्हें पैसा लौटा देना चाहिए था।

ट्रिब्यूनल ने कहा कि एक हफ्ते की साधारण कैद न्याय के लिए पर्याप्त होती, लेकिन उनकी उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए 2,000 रुपये जुर्माना लगाया और पैसा लौटाकर अवमानना खत्म करने का मौका दिया। उसने मौजूदा लिक्विडेटर को रकम वसूलने के लिए execution कार्यवाही शुरू करने की छूट दी और मामले को 30 नवंबर 2026 को सूचीबद्ध किया।

इसका क्या मतलब है

लिक्विडेशन खाते का पैसा बंद हो रही कंपनी का होता है और उससे कर्जदाताओं और कर्मचारियों का भुगतान होता है। यह आदेश दिखाता है कि ट्रिब्यूनल ऐसे इन्सॉल्वेंसी प्रोफेशनल के खिलाफ अवमानना की शक्तियों का इस्तेमाल करेगा, जो लौटाने का आदेश मिलने के बाद भी पैसा अपने पास रखे। इस आदेश के खिलाफ NCLAT में अपील की जा सकती है।

स्रोत: NCLT order

यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। यह निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है।