कानूनी
NCLT ने IRAA Clothing के लिए Universal Processors की 16.84 करोड़ रुपये की समाधान योजना मंजूर की
NCLT की मुंबई पीठ ने IRAA Clothing Pvt Ltd के लिए Universal Processors की 16.84 करोड़ रुपये की समाधान योजना मंजूर की है। लेनदारों ने पहले कंपनी के परिसमापन के पक्ष में वोट दिया था।
राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (NCLT) की मुंबई पीठ ने IRAA Clothing Private Limited के लिए Universal Processors की समाधान योजना को मंजूरी दे दी है। 27 अक्टूबर 2026 को सुनाए गए आदेश में अधिकरण ने यह योजना मंजूर की, जिसका कुल मूल्य दिवाला प्रक्रिया की लागत समेत 16.84 करोड़ रुपये है और जिसका भुगतान योजना लागू होने के 60 दिनों के भीतर होना है। कंपनी के लेनदारों ने पहले इसके परिसमापन के पक्ष में वोट दिया था।
क्या हुआ
ऑपरेशनल लेनदार Rajat Textiles की याचिका पर IRAA Clothing को 25 अगस्त 2023 को कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया में भेजा गया था। यह डिफॉल्ट करने वाली कंपनियों को बचाने की अधिकरण की निगरानी वाली प्रक्रिया है। Union Bank of India एकमात्र वित्तीय लेनदार था, जिसका स्वीकृत दावा 20.58 करोड़ रुपये था। बैंक ने 30 मार्च 2026 को यह कर्ज Prudent ARC Limited को सौंप दिया।
आदेश के मुताबिक, 2024 में Universal Processors अकेला बोलीदाता था और लेनदारों की समिति ने उसकी योजना खारिज कर कंपनी के परिसमापन का फैसला किया था। बाद में बोलीदाता के बेहतर योजना देने की इच्छा जताने पर परिसमापन आवेदन 90 दिनों के लिए स्थगित रखा गया। 7 अप्रैल 2026 के नए मूल्यांकन में कंपनी का उचित मूल्य 17.44 करोड़ रुपये और परिसमापन मूल्य 13.34 करोड़ रुपये आंका गया। बेहतर योजना 100% वोट से मंजूर हुई और बोलीदाता ने 1.70 करोड़ रुपये की परफॉर्मेंस गारंटी दी।
अधिकरण ने माना कि योजना दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (IBC) की शर्तें पूरी करती है। उसने दर्ज किया कि बोलीदाता ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) को 12.49 लाख रुपये का PF बकाया, यानी समाधान पेशेवर द्वारा स्वीकृत राशि, चुकाने का वचन दिया है। अधिकरण ने योजना में मांगी गई अन्य राहतें, जैसे स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क से छूट, नहीं दीं।
इसका क्या मतलब है
योजना आदेश की तारीख से लागू है और कंपनी, उसके कर्मचारियों, लेनदारों और सरकारी प्राधिकरणों पर बाध्यकारी है। योजना में शामिल न किए गए दावे समाप्त हो गए हैं और कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर लगी रोक (मोरेटोरियम) खत्म हो गई है। आदेश के मुताबिक, संहिता के तहत तरजीही या धोखाधड़ी वाले लेनदेन से जुड़े लंबित आवेदन कंपनी अपने खर्च पर आगे बढ़ाएगी और वसूली वित्तीय लेनदारों को मिलेगी। बोलीदाता योजना लागू नहीं करता है तो परफॉर्मेंस सिक्योरिटी जब्त होगी। इस आदेश के खिलाफ राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय अधिकरण (NCLAT) में अपील की जा सकती है।
स्रोत: NCLT order
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