कंपनी मामले
NCLT ने Gupta Builders and Promoters के लिए 743.29 करोड़ रुपये की समाधान योजना मंजूर की
NCLT चंडीगढ़ ने मई 2022 से दिवाला प्रक्रिया में चल रही रियल एस्टेट कंपनी Gupta Builders and Promoters के लिए एक कंसोर्टियम की 743.29 करोड़ रुपये की योजना मंजूर की। यह NCLAT में लंबित अपील के नतीजे के अधीन है।
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), चंडीगढ़ बेंच ने Gupta Builders and Promoters Pvt. Ltd. के लिए समाधान योजना (resolution plan) को मंजूरी दे दी है। यह एक रियल एस्टेट डेवलपर है, जिसके घर खरीदार भी इसके लेनदारों में शामिल हैं। 28 अक्टूबर 2026 को सुनाए गए आदेश में ट्रिब्यूनल ने 743.29 करोड़ रुपये मूल्य की वह योजना मंजूर की, जो Lala Jugal Kishore Jewellers, Evanka Construction India Private Limited, Bhumi Sagar Infrastructure Private Limited और एक व्यक्तिगत निवेशक के कंसोर्टियम ने पेश की थी।
क्या हुआ
कंपनी 31 मई 2022 को वित्तीय लेनदार Area Importers and Exporters Private Limited की याचिका पर कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया में आई थी। घर खरीदारों का, लेनदारों के एक वर्ग के रूप में, एक अधिकृत प्रतिनिधि ने प्रतिनिधित्व किया। कंसोर्टियम की 8 अप्रैल 2023 की योजना अकेली योजना थी, और लेनदारों की समिति ने इसे 93.48% मतों से मंजूर किया।
आदेश के अनुसार, योजना का 743.29 करोड़ रुपये का मूल्य 382.32 करोड़ रुपये के लिक्विडेशन मूल्य से अधिक है। इसे पांच साल में लागू किया जाएगा और एक निगरानी समिति इसकी देखरेख करेगी। योजना की प्रभावी तारीख तक मिले घर खरीदारों के दावों, और उस तारीख तक स्वीकार हुए लंबित दावों, के साथ भी अन्य आवंटियों जैसा ही व्यवहार होगा। ट्रिब्यूनल ने निर्देश दिया कि अगर खरीदार योजना के अनुसार भुगतान नहीं करते, तो उनकी चुकाई पूरी रकम जब्त हो जाएगी।
आदेश में दर्ज है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सितंबर 2022 में PMLA के तहत ज़ीरकपुर स्थित कंपनी के GBP Centrum प्रोजेक्ट की कुछ संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की थीं। ये आरोप हैं, दोष के निष्कर्ष नहीं; अदालत में दोष साबित होने तक आरोपी निर्दोष माने जाते हैं, और कानूनी प्रक्रिया जारी है। अस्थायी कुर्की की पुष्टि एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी को करनी होती है।
कुछ जमीन कंपनी की संपत्ति का हिस्सा है या नहीं, इस पर NCLAT में एक अपील लंबित है, और ट्रिब्यूनल ने कहा कि उसकी मंजूरी उस अपील के नतीजे के अधीन है।
इसका क्या मतलब है
कंपनी के प्रोजेक्टों के घर खरीदारों के लिए यह मंजूरी मामले को दावों से आगे बढ़ाकर पांच साल में लागू होने वाली योजना तक ले जाती है। जो दावे योजना में शामिल नहीं हैं, वे समाप्त हो जाते हैं, और कोई भी लेनदार योजना में तय रकम से ज्यादा का दावा नहीं कर सकता। इस आदेश के खिलाफ NCLAT में अपील की जा सकती है।
स्रोत: NCLT order
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