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कंपनी मामले

NCLT ने कैंपस की याचिका पर वाराणसी की श्रीश्याम ट्रेड वेंचर्स को दिवालिया प्रक्रिया में डाला

NCLT की इलाहाबाद पीठ ने 26 अक्टूबर 2026 को फुटवियर कंपनी कैंपस एक्टिववियर की याचिका पर श्रीश्याम ट्रेड वेंचर्स को दिवालिया प्रक्रिया में डाला; कैंपस ने 1.38 करोड़ रुपये बकाया बताए थे।

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आधिकारिक स्रोतNational Company Law Tribunal
कंपनी मामले / 2 नवंबर 2026

राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) की प्रयागराज स्थित इलाहाबाद पीठ ने 26 अक्टूबर 2026 को वाराणसी की वितरक कंपनी श्रीश्याम ट्रेड वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड को कॉरपोरेट दिवालिया समाधान प्रक्रिया में दाखिल कर लिया। याचिका फुटवियर निर्माता कैंपस एक्टिववियर लिमिटेड ने परिचालन लेनदार के रूप में दायर की थी, यानी ऐसा लेनदार जिसका पैसा आपूर्ति किए गए माल के बदले बकाया है। आदेश के अनुसार कैंपस ने कहा कि 1.38 करोड़ रुपये बकाया हैं और ब्याज समेत 1.97 करोड़ रुपये का दावा किया।

क्या हुआ

आदेश में दर्ज है कि दोनों कंपनियों ने 6 दिसंबर 2018 को वितरक समझौता किया था, जिसके तहत कैंपस ने जूते और फुटवियर की आपूर्ति की। कैंपस ने कहा कि उसने 5.57 करोड़ रुपये के बिल भेजे जिनका भुगतान नहीं हुआ।

अक्टूबर 2021 के मांग नोटिस के बाद वितरक ने 29 जनवरी 2022 को एक अंडरटेकिंग पर हस्ताक्षर कर 3.25 करोड़ रुपये की देनदारी स्वीकार की और 44 पोस्ट-डेटेड चेक दिए। कैंपस ने न्यायाधिकरण को बताया कि उसे 1.87 करोड़ रुपये मिले, छह चेक बाउंस हुए और 1.38 करोड़ रुपये अब भी बकाया हैं। उसने भुगतान में चूक की तारीख 1 जनवरी 2023 बताई। आदेश के अनुसार 6 दिसंबर 2024 के जवाब में वितरक ने कहा था कि वह 1.38 करोड़ रुपये चुकाने को तैयार है।

न्यायाधिकरण ने दाखिले की शर्तें पूरी पाईं और दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया। कैंपस ने कोई दिवाला पेशेवर प्रस्तावित नहीं किया था, इसलिए न्यायाधिकरण ने खुद एक पेशेवर को अंतरिम समाधान पेशेवर नियुक्त किया। उसने कैंपस को शुरुआती खर्च के लिए 1 लाख रुपये जमा करने का निर्देश दिया और प्रगति रिपोर्ट के लिए मामले को 30 नवंबर 2026 को सूचीबद्ध किया।

इसका क्या मतलब है

दिवालिया प्रक्रिया में दाखिला धोखाधड़ी या कुप्रबंधन का निष्कर्ष नहीं है। आदेश की तारीख से मोरेटोरियम लागू है: प्रक्रिया खत्म होने तक कंपनी के खिलाफ कोई मुकदमा या वसूली की कार्यवाही नहीं चल सकती, उसकी संपत्तियां बेची या हस्तांतरित नहीं की जा सकतीं और सुरक्षित कर्जदाता अपनी सिक्योरिटी लागू नहीं कर सकते।

निलंबित बोर्ड को अंतरिम समाधान पेशेवर को कंपनी के खातों तक पूरी पहुंच देनी होगी, और पेशेवर को दावे मंगाने के लिए सार्वजनिक घोषणा करनी होगी। जिन आपूर्तिकर्ताओं, कर्जदाताओं और अन्य लोगों का वितरक पर पैसा बकाया है, उन्हें उस घोषणा के अनुसार दावे दाखिल करने चाहिए। इस आदेश को राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) में चुनौती दी जा सकती है।

स्रोत: NCLT order

यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। यह निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है।