कंपनी मामले
NCLT ने 9.30 करोड़ रुपये के दावे पर Satnam Global Infraprojects को दिवाला प्रक्रिया में डाला
NCLT की नई दिल्ली बेंच ने 21 अक्टूबर 2026 को एक ऑपरेशनल क्रेडिटर की याचिका पर Satnam Global Infraprojects Limited को दिवाला प्रक्रिया में दाखिल किया। NCLAT ने यह मामला दोबारा शुरू कराया था।
राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) की नई दिल्ली बेंच ने 21 अक्टूबर 2026 को Satnam Global Infraprojects Limited को कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया में दाखिल कर लिया। एक ऑपरेशनल क्रेडिटर ने यह याचिका दायर की थी, जिसमें 9.30 करोड़ रुपये का दावा किया गया था। इसमें 6.20 करोड़ रुपये मूलधन और 3.10 करोड़ रुपये ब्याज है।
क्या हुआ
ऑपरेशनल क्रेडिटर और कंपनी ने 2020 में मेघालय में वाहन निगरानी प्रणाली की एक परियोजना के लिए मिलकर बोली लगाने हेतु कंसोर्टियम बनाया था। याचिका के अनुसार, ऑपरेशनल क्रेडिटर ने सामान की आपूर्ति के लिए कंपनी को 8 करोड़ रुपये भेजे, लेकिन कंपनी ने न तो सामान दिया और न ही पैसा लौटाया। कंपनी का तर्क था कि 8 करोड़ रुपये परियोजना के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट थे और कोई ऑपरेशनल कर्ज बनता ही नहीं।
न्यायाधिकरण ने पहले 24 सितंबर 2025 को याचिका खारिज कर दी थी। 3 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) ने यह आदेश रद्द कर दिया, माना कि 1 करोड़ रुपये से अधिक का ऑपरेशनल कर्ज साबित हुआ है, और मामला दाखिले के लिए वापस भेज दिया। उसने कंपनी को कर्ज चुकाकर मामला बंद कराने के लिए तीन महीने दिए। आदेश के अनुसार, NCLAT के फैसले के खिलाफ कंपनी की अपील सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी।
न्यायाधिकरण ने पाया कि कंपनी ने उस अवधि में भुगतान का कोई सबूत रिकॉर्ड पर नहीं रखा, और याचिका मंजूर कर ली। उसने दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता की Section 14 के तहत मोरेटोरियम घोषित किया, जिससे प्रक्रिया चलने तक कंपनी के खिलाफ नए मुकदमे, उसकी संपत्ति पर वसूली की कार्रवाई और उसकी संपत्ति की बिक्री पर रोक रहती है। उसने IBBI के पैनल से एक अंतरिम समाधान पेशेवर नियुक्त किया, जो कंपनी का कामकाज संभालेगा, और ऑपरेशनल क्रेडिटर को उसके खर्च के लिए 2 लाख रुपये जमा करने का निर्देश दिया।
इसका क्या मतलब है
दिवाला प्रक्रिया में दाखिला धोखाधड़ी या कुप्रबंधन का निष्कर्ष नहीं है। इससे एक प्रक्रिया शुरू होती है, जिसमें लेनदार अपने दावे दाखिल करते हैं और लेनदारों की समिति कंपनी के लिए समाधान योजना पर विचार करती है। आदेश में दावों की कोई तारीख तय नहीं की गई है; अंतरिम समाधान पेशेवर बताएंगे कि लेनदार, कर्मचारी और अन्य लोग कैसे और कब तक दावे दाखिल करें। न्यायाधिकरण के आदेश के खिलाफ NCLAT में अपील की जा सकती है।
स्रोत: NCLT order
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