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मध्यप्रदेश उपभोक्ता आयोग: 4.5 लाख रुपये की कार बुकिंग राशि लौटाएगा डीलर, Nissan नहीं

मध्यप्रदेश राज्य उपभोक्ता आयोग ने कहा कि खरीदार की 4.5 लाख रुपये की कार बुकिंग राशि 6% ब्याज सहित सतना का डीलर लौटाएगा, Nissan Motors India नहीं।

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आधिकारिक स्रोतConsumer commission
कानूनी / 30 अक्टूबर 2026

भोपाल स्थित मध्यप्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने 28 अक्टूबर 2026 को फैसला दिया कि जिस खरीदार को कार कभी नहीं मिली, उसे भुगतान सतना का कार डीलर करेगा, कार निर्माता Nissan Motors India Pvt Ltd नहीं। आयोग ने Nissan की अपील स्वीकार कर सतना जिला उपभोक्ता आयोग के 2018 के आदेश में संशोधन किया। खरीदार को 4.5 लाख रुपये की बुकिंग एडवांस राशि ब्याज, क्षतिपूर्ति और खर्च सहित अब केवल डीलर से मिलेगी।

क्या हुआ

आदेश के अनुसार, खरीदार ने 27 मार्च 2017 को Nissan की कार बुक कराने के लिए उसके अधिकृत डीलर के पास 4.5 लाख रुपये एडवांस जमा किए थे। कार 4 अप्रैल 2017 को मिलनी थी, पर नहीं मिली, और खरीदार जिला आयोग पहुंचा।

कंपनियां पेश नहीं हुईं और सतना जिला आयोग ने उनकी अनुपस्थिति में मामला तय किया। 26 अप्रैल 2018 को आयोग ने डीलर को एक महीने में 4.5 लाख रुपये लौटाने का आदेश दिया, साथ में 14 जून 2017 से, जिस दिन शिकायत दायर हुई, 6% सालाना साधारण ब्याज। उसने डीलर और Nissan को मिलकर 5,000 रुपये क्षतिपूर्ति और 2,000 रुपये मुकदमा खर्च देने का भी आदेश दिया।

Nissan ने अपील में कहा कि पैसा सिर्फ डीलर को दिया गया था और उस तक कभी नहीं पहुंचा। राज्य आयोग इससे सहमत हुआ। रसीद और खरीदार की बैंक पासबुक से उसने पाया कि राशि NEFT से डीलर के खाते में गई थी, और ऐसा कोई सबूत नहीं था कि डीलर ने यह पैसा Nissan को दिया या कार न मिलने में Nissan की कोई भूमिका थी। आयोग ने माना कि कार निर्माता से भुगतान कराने का कोई आधार नहीं है और क्षतिपूर्ति व खर्च के लिए केवल डीलर को जिम्मेदार ठहराया। जिला आयोग के आदेश का बाकी हिस्सा कायम है।

इसका क्या मतलब है

कार खरीदारों के लिए यह फैसला बताता है कि उपभोक्ता आयोग यह देखता है कि पैसा असल में किसे मिला। अगर बुकिंग राशि डीलर को दी गई और डीलर ने कार नहीं दी, तो दावा डीलर के खिलाफ बन सकता है, जब तक निर्माता को इस विफलता से जोड़ने वाला कोई सबूत न हो।

यह आदेश राज्य आयोग का निष्कर्ष है और इसके खिलाफ अपील की जा सकती है। ऐसे विवाद में उपभोक्ता National Consumer Helpline (1915) से संपर्क कर सकते हैं या e-Daakhil के जरिए ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

स्रोत: Consumer commission order

यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। यह निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है।