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कानूनी

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट: फ्रीज खाता खोला जाए, केवल विवादित राशि रोकी जाए

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने साइबर अपराध मामले में फ्रीज Axis Bank खाता खोलने का आदेश दिया, केवल विवादित 66,367 रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट में रहेंगे।

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आधिकारिक स्रोतMadhya Pradesh High Court
कानूनी / 29 अक्टूबर 2026

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने 27 October 2026 को एक खाताधारक का फ्रीज किया गया Axis Bank खाता खोलने का आदेश दिया, और केवल विवादित 66,367 रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट में अलग रखने को कहा। कोर्ट ने अपने पहले के फैसले लागू किए कि साइबर फ्रॉड में फ्रीज संदिग्ध राशि तक सीमित होना चाहिए, पूरे खाते पर नहीं।

क्या हुआ

आदेश के अनुसार, खाताधारक ने एक साइबर अपराध मामले में Axis Bank खाते पर लगी रोक हटाने की मांग की थी। कोर्ट ने हाई कोर्ट के दो पुराने फैसले लागू किए, जिनमें जबलपुर पीठ का 27 July 2026 का आदेश शामिल है, जिसने गृह मंत्रालय की 10 April 2026 की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत ऐसे फ्रीज के लिए दिशानिर्देश तय किए थे।

आदेश में उद्धृत इन दिशानिर्देशों के अनुसार, पुलिस को जहां तक संभव हो बैंक से केवल विवादित राशि पर लियन (तय रकम पर रोक) लगाने को कहना चाहिए, और पूरा खाता केवल असाधारण मामलों में लिखित कारणों के साथ फ्रीज करना चाहिए। बैंक को ग्राहक को फ्रीज और शिकायत व्यवस्था की जानकारी देनी होगी, सात दिन में शिकायत पोर्टल पर अपलोड करनी होगी, जांच अधिकारी को पंद्रह दिन में फैसला करना होगा, और लंबित शिकायत जिला शिकायत निवारण अधिकारी के पास जाएगी। अगर शिकायत 90 दिन तक हल न हो और रोक जारी रखने का कोई वैध निर्देश न हो, तो बैंक पुलिस को पंद्रह दिन का नोटिस देकर अनुरोध पर रोक हटा दे।

कोर्ट ने निर्देश दिया कि 66,367 रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट में रहें और सक्षम न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर तीन महीने के भीतर ही जारी हों; ऐसा न होने पर खाताधारक पुलिस को सूचना देकर यह राशि निकाल सकता है।

इसका क्या मतलब है

साइबर फ्रॉड शिकायत पर जिनका खाता फ्रीज हुआ है, वे SOP के तहत पहले अपने बैंक के जरिए शिकायत दर्ज कर सकते हैं और केवल विवादित राशि रोकने की मांग कर सकते हैं। दिशानिर्देशों के अनुसार बैंक पहला संपर्क बिंदु है और उसे ग्राहक को सीधे पुलिस या अदालत नहीं भेजना चाहिए। साइबर फ्रॉड की शिकायत https://cybercrime.gov.in या हेल्पलाइन 1930 पर, और बैंक के खिलाफ शिकायत https://cms.rbi.org.in पर की जा सकती है।

स्रोत: High Court judgment

यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। यह निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है।