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केरल हाई कोर्ट ने SBI की SARFAESI नीलामी रोकने से इनकार किया, DRT जाने को कहा

केरल हाई कोर्ट ने SARFAESI Act के तहत SBI के बिक्री नोटिस के खिलाफ Impel Machines की याचिका खारिज की और कहा कि उपाय डेट्स रिकवरी ट्रिब्यूनल में है।

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आधिकारिक स्रोतKerala High Court
कानूनी / 28 अक्टूबर 2026

केरल हाई कोर्ट ने 27 अक्टूबर 2026 को Impel Machines Private Limited की वह रिट याचिका खारिज कर दी, जिसमें SARFAESI Act के तहत State Bank of India के बिक्री नोटिस को रोकने की मांग की गई थी। गिरवी संपत्ति की ई-नीलामी इसके अगले दिन होनी थी। अदालत ने कहा कि कंपनी को डेट्स रिकवरी ट्रिब्यूनल (DRT) से राहत मांगनी चाहिए, जहां उसकी चुनौती पहले से लंबित है।

क्या हुआ

कंपनी ने SBI के 16 सितंबर 2026 के बिक्री नोटिस को चुनौती दी थी, जो चल संपत्तियों की बिक्री से जुड़ा था। ई-नीलामी 28 अक्टूबर 2026 को तय थी। कंपनी ने यह भी मांग की थी कि बैंक एक अपडेटेड खाता विवरण दाखिल करे, जिसमें कोयंबटूर की एक संपत्ति की नीलामी से मिले 9,37,60,000 रुपये का समायोजन दिखे।

बैंक के वकील के अनुसार, लोन खाता 2018 में नॉन-परफॉर्मिंग एसेट घोषित हुआ था, बैंक ने 2019 में DRT में वसूली आवेदन दायर किया, और SARFAESI कार्यवाही के खिलाफ कंपनी की 2021 में दायर अपील DRT में लंबित है। बैंक ने अदालत को यह भी बताया कि कंपनी की एक पिछली रिट याचिका एकमुश्त भुगतान के अंतरिम निर्देश का पालन न करने के कारण खारिज हो चुकी है।

अदालत ने कहा कि यह स्थापित कानून है कि हाई कोर्ट को संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत SARFAESI कार्यवाही में दखल नहीं देना चाहिए। अदालत ने इस बारे में सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला दिया। यह देखते हुए कि कंपनी असल में DRT और हाई कोर्ट दोनों में एक साथ वही चुनौती चला रही थी, अदालत ने याचिका खारिज कर दी, लेकिन DRT के सामने उचित उपाय अपनाने के कंपनी के अधिकार को सुरक्षित रखा।

इसका क्या मतलब है

कर्जदारों के लिए यह फैसला वही बात दोहराता है जो अदालतें अक्सर कहती हैं: बैंक की SARFAESI कार्रवाई, जिसमें बिक्री नोटिस भी शामिल है, की चुनौती डेट्स रिकवरी ट्रिब्यूनल में होनी चाहिए, हाई कोर्ट में नहीं, और आखिरी समय पर दायर रिट याचिका से नीलामी रुकने की संभावना कम है। SARFAESI Act बैंकों को कर्ज के बदले गिरवी रखी संपत्ति पहले सिविल कोर्ट गए बिना कब्जे में लेकर बेचने की अनुमति देता है।

जो कर्जदार बिक्री से मिली रकम के हिसाब पर सवाल उठाना चाहते हैं, वे बैंक से लिखित में खाता विवरण मांग सकते हैं। बैंक की सेवा से जुड़ी शिकायत RBI के पास https://cms.rbi.org.in पर की जा सकती है।

स्रोत: High Court judgment

यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। यह निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है।