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ITAT पुणे: सहकारी बैंकों से मिले ब्याज पर सहकारी समिति को 80P(2)(d) कटौती
आयकर अपीलीय अधिकरण की पुणे पीठ ने 26 अक्टूबर 2026 को कहा कि सहकारी समिति सहकारी बैंकों से मिले ब्याज पर धारा 80P(2)(d) के तहत कटौती ले सकती है।

फ़ोटो: Biswarup Ganguly / Wikimedia Commons, CC BY 3.0 (क्रॉप की गई)। सांकेतिक तस्वीर।
आयकर अपीलीय अधिकरण (ITAT) की पुणे पीठ ने 26 अक्टूबर 2026 को कहा कि सहकारी समिति को सहकारी बैंकों में निवेश से मिले ब्याज पर आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80P(2)(d) के तहत कटौती का हक़ है। अधिकरण ने समिति को आकलन वर्ष 2020-21 के लिए 14,69,611 रुपये की कटौती की अनुमति दी।
क्या हुआ
आदेश के अनुसार, पुणे के खराडी स्थित Forest County Cooperative Housing Society Limited ने धारा 80P(2)(c) के तहत 50,000 रुपये और धारा 80P(2)(d) के तहत 14,69,611 रुपये की कटौती का दावा करके 1.38 करोड़ रुपये की आय घोषित की थी। यह ब्याज सारस्वत बैंक और पुणे ज़िला मध्यवर्ती सहकारी बैंक में जमा राशि से मिला था।
आकलन अधिकारी ने धारा 80P(2)(d) का दावा नामंज़ूर कर दिया और समिति की आय 1,53,66,990 रुपये आंकी। नेशनल फ़ेसलेस अपील सेंटर के CIT(A) ने 4 फ़रवरी 2026 के आदेश में इसे सही ठहराया। इसके बाद समिति ने अधिकरण में अपील की।
धारा 80P(2)(d) सहकारी समिति को दूसरी सहकारी समितियों में निवेश से हुई आय पर कटौती देती है। अधिकरण ने कहा कि पहले के कई फ़ैसलों के कारण यह मुद्दा अब तय हो चुका है। उसने मद्रास हाई कोर्ट के 2023 के एक फ़ैसले का सहारा लिया, जिसमें सहकारी समिति को यह कटौती पाने का हक़दार माना गया था। इसी आधार पर अधिकरण ने 14,69,611 रुपये पर कटौती को सही माना, अपील प्राधिकारी का निष्कर्ष पलट दिया और अपील स्वीकार कर ली।
इसका क्या मतलब है
जो सहकारी समितियां, जिनमें हाउसिंग सोसायटी भी शामिल हैं, अपना अतिरिक्त पैसा सहकारी बैंकों में रखती हैं, उनके लिए यह आदेश उन अधिकरण फ़ैसलों की कड़ी में जुड़ता है जो ऐसे ब्याज पर धारा 80P(2)(d) की कटौती देते हैं। इस मामले में अधिकरण के आदेश से आकलन वर्ष 2020-21 के लिए समिति की आय में आकलन अधिकारी द्वारा जोड़े गए 14,69,611 रुपये हट जाते हैं।
स्रोत: ITAT order
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