टैक्स
ITAT: धर्मार्थ ट्रस्ट पिछले साल की आय पर चुकाए टैक्स को आय का उपयोग मान सकता है
आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण की मुंबई पीठ ने आयकर विभाग की अपील खारिज कर एक धर्मार्थ ट्रस्ट के 1.74 करोड़ रुपये के चुकाए गए टैक्स को आय का उपयोग मानने का दावा बरकरार रखा।

फ़ोटो: Marcin Wichary from San Francisco, U.S.A. / Wikimedia Commons, CC BY 2.0 (क्रॉप की गई)। सांकेतिक तस्वीर।
आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) की मुंबई पीठ ने कहा है कि कोई धर्मार्थ ट्रस्ट किसी साल में चुकाए गए आयकर को उसी साल का खर्च मान सकता है, भले ही वह टैक्स किसी पिछले साल की आय से जुड़ा हो। 28 अक्टूबर 2026 को सुनाए आदेश में न्यायाधिकरण ने आयकर विभाग की अपील खारिज कर दी और आकलन वर्ष 2016-17 के लिए ट्रस्ट का लगभग 1.74 करोड़ रुपये (1,73,55,426 रुपये) का दावा बरकरार रखा।
क्या हुआ
आयकर अधिनियम की Section 12A के तहत पंजीकृत J V Gokal Charity Trust ने एक अस्पताल परियोजना के लिए 4.75 करोड़ रुपये अलग रखे थे और यह राशि एक एस्क्रो एजेंट के पास जमा की थी। आदेश के अनुसार, एस्क्रो समझौता समाप्त हो गया, परियोजना पर कोई राशि खर्च नहीं हुई और ट्रस्ट ने आकलन वर्ष 2015-16 के लिए इस राशि को Section 11(3) के तहत मानित आय के रूप में घोषित किया। ट्रस्ट ने सितंबर 2015 में यह टैक्स चुकाया, जिसमें 14,26,864 रुपये का TDS और 1,59,28,562 रुपये का स्व-आकलन टैक्स शामिल था, और 2016-17 के लिए इसे आय के उपयोग के रूप में दिखाया।
आकलन अधिकारी ने यह दावा नामंजूर कर दिया, क्योंकि टैक्स पिछले साल से जुड़ा था और ट्रस्ट नकद लेखा प्रणाली अपनाता था। आयकर आयुक्त (अपील) ने दावा मंजूर किया और विभाग ने अपील की। न्यायाधिकरण ने कहा कि नकद प्रणाली अपनाने वाला ट्रस्ट टैक्स भुगतान को उसी साल में दर्ज करता है जिसमें भुगतान हुआ, और Section 11(3) के तहत मानित आय पर टैक्स केवल इस कारण से बाहर नहीं किया जा सकता। न्यायाधिकरण ने विभाग की दोहरे लाभ की दलील खारिज करते हुए कहा कि जमा की गई आय और उस पर चुकाया गया टैक्स अलग-अलग राशियां हैं। उसने निर्देश दिया कि गणना में इस राशि का लाभ केवल एक बार मिलेगा।
इसका क्या मतलब है
इस आदेश के तहत, जो ट्रस्ट तय शर्तों के भीतर उपयोग न हो सकी जमा आय पर टैक्स चुकाते हैं, वे उस टैक्स को भुगतान वाले साल का खर्च मान सकते हैं। न्यायाधिकरण ने कहा कि Finance Act, 2021 से 1 अप्रैल 2022 से जोड़ा गया Section 11(1) का Explanation 5 पिछले सालों के अतिरिक्त उपयोग के समायोजन को सीमित करता है, लेकिन यह आकलन वर्ष 2016-17 पर लागू नहीं होता। ट्रस्ट की बाकी आय का उपयोग या संचय अब भी Section 11 के अनुसार करना होगा।
स्रोत: ITAT order
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