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हुंडई मोटर इंडिया Q2 नतीजे: शुद्ध मुनाफा 23.9% घटकर 1,196.16 करोड़ रुपये

NSE को दी गई फाइलिंग के अनुसार, हुंडई मोटर इंडिया का जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही का समेकित शुद्ध मुनाफा 1,196.16 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 1,572.26 करोड़ रुपये था।

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आधिकारिक स्रोतNational Stock Exchange of India
बाज़ार / 30 अक्टूबर 2026

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को दी गई कंपनी की फाइलिंग के अनुसार, हुंडई मोटर इंडिया का 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में समेकित शुद्ध मुनाफा 1,196.16 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले की इसी तिमाही के 1,572.26 करोड़ रुपये से 23.9% कम है। परिचालन से आय 18.5% बढ़कर 20,696.06 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी के बोर्ड ने 28 अक्टूबर 2026 को ये अनऑडिटेड नतीजे मंजूर किए।

क्या हुआ

फाइलिंग के मुताबिक, जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान समेकित परिचालन आय 20,696.06 करोड़ रुपये रही। एक साल पहले यह 17,460.82 करोड़ रुपये और अप्रैल-जून तिमाही में 16,334.63 करोड़ रुपये थी, यानी पिछली तिमाही के मुकाबले 26.7% की बढ़ोतरी हुई।

1,196.16 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा अप्रैल-जून तिमाही के 888.62 करोड़ रुपये से 34.6% ज्यादा है, लेकिन एक साल पहले से 23.9% कम है। कर-पूर्व लाभ 1,617.83 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 2,125.96 करोड़ रुपये था। तिमाही में प्रति शेयर आय 14.72 रुपये रही, जो एक साल पहले 19.35 रुपये थी।

30 सितंबर 2026 तक के छह महीनों में परिचालन आय 9.3% बढ़कर 37,030.69 करोड़ रुपये हो गई, जो पहले 33,873.70 करोड़ रुपये थी। इसी अवधि में शुद्ध मुनाफा 29.1% घटकर 2,084.79 करोड़ रुपये रह गया, जो पहले 2,941.49 करोड़ रुपये था। कंपनी का एक ही कारोबारी खंड है: मोटर वाहन, पुर्जे और उनसे जुड़ी सेवाएं बनाना और बेचना। ये आंकड़े समेकित हैं; ऑडिटरों ने इनकी सीमित समीक्षा की है, जो पूरे ऑडिट से कम व्यापक होती है।

इसका क्या मतलब है

एक साल पहले के मुकाबले परिचालन आय बढ़ी, जबकि शुद्ध मुनाफा घटा। स्टैंडअलोन विवरण में तिमाही के दौरान कच्चे माल की लागत बढ़कर 15,730.91 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले 12,183.17 करोड़ रुपये थी।

फाइलिंग में एक लंबित मुद्दे का भी जिक्र है। पर्यावरण संरक्षण (एंड-ऑफ-लाइफ व्हीकल्स) नियम, 2025 के तहत कंपनी को भारत में बेचे गए पुराने वाहनों को स्क्रैप करने का दायित्व विस्तारित उत्पादक जिम्मेदारी (EPR) प्रमाणपत्र खरीदकर पूरा करना है। फाइलिंग के अनुसार इन प्रमाणपत्रों की कीमत अभी अधिसूचित नहीं हुई है, इसलिए कंपनी लागत का अनुमान नहीं लगा पाई और इसके लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है। कंपनी का कहना है कि नियम लागू होने के साथ वह इस दायित्व का आकलन करती रहेगी।

स्रोत: NSE filing: Hyundai Motor India Q2 FY27 results

यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। यह निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है।