कार्रवाई
26 करोड़ रुपये की टेलीग्राम निवेश धोखाधड़ी मामले में ED ने हैदराबाद में 3 जगह तलाशी ली
ED के कोच्चि कार्यालय ने 28 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद में तीन ठिकानों पर तलाशी ली। ED का आरोप है कि एक फर्जी ट्रेडिंग वेबसाइट के जरिए एक निवेशक से 26.02 करोड़ रुपये ठगे गए।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कोच्चि क्षेत्रीय कार्यालय ने एर्णाकुलम में दर्ज एक साइबर धोखाधड़ी मामले में 28 अक्टूबर 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत हैदराबाद में तीन ठिकानों पर तलाशी ली। ED का आरोप है कि एक वेबसाइट पर ट्रेडिंग का लालच देकर एक निवेशक से लगभग 26.02 करोड़ रुपये ठगे गए।
क्या हुआ
ED का मामला साइबर पुलिस स्टेशन, एर्णाकुलम की FIR पर आधारित है। FIR के अनुसार शिकायतकर्ता से फोन कॉल और टेलीग्राम ऐप पर चैट संदेशों के जरिए संपर्क किया गया और वेबसाइट www.capitalix.com पर ट्रेडिंग से ऊंचे रिटर्न का वादा किया गया। FIR में आरोप है कि शिकायतकर्ता को धोखे से किस्तों में 24,76,21,042 रुपये आरोपियों के नियंत्रण वाले बैंक खातों में भेजने को कहा गया, और आरोपियों ने न वादा किया गया मुनाफा लौटाया, न मूल रकम।
ED ने कहा कि उसकी जांच में पाया गया कि 23 मई 2023 से 27 मई 2024 के बीच शिकायतकर्ता से 26,02,89,261.57 रुपये ठगे गए। ED के अनुसार यह पैसा आरोपियों द्वारा चलाए जा रहे म्यूल खातों से घुमाया गया ताकि उसका स्रोत छिपाया जा सके। एजेंसी का आरोप है कि मुख्य आरोपी ने परिवार के सदस्यों और कर्मचारियों के नाम पर कई संस्थाएं बनाईं, जिनमें BTR Industries, Velugu Trading Company, Aasritha Mega Solutions Pvt Ltd, Aasritha Infra Projects और Aasritha Infra Projects Pvt Ltd शामिल हैं, जिनके जरिए पैसा घुमाया गया, और हैदराबाद में Aasritha Infra Projects के नाम पर एक विला प्रोजेक्ट शुरू किया गया।
ED ने बताया कि तलाशी में दस्तावेज, डिजिटल सबूत और 6.40 लाख रुपये नकद जब्त किए गए, 14 लाख रुपये की शेष राशि वाले 11 बैंक खाते फ्रीज किए गए और लगभग 5 करोड़ रुपये के प्लॉट और विला की पहचान की गई। ये आरोप हैं, दोष के निष्कर्ष नहीं; अदालत में दोष साबित होने तक आरोपी निर्दोष माने जाते हैं, और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
इसका क्या मतलब है
यह मामला एक आम तरीका दिखाता है: टेलीग्राम पर संपर्क, ऊंचे रिटर्न का वादा और एक ट्रेडिंग वेबसाइट जो कुछ वापस नहीं करती। निवेश से पहले जांच लें कि प्लेटफॉर्म और व्यक्ति SEBI में पंजीकृत हैं या नहीं। ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी की शिकायत https://cybercrime.gov.in या हेल्पलाइन 1930 पर करें। ED का कहना है कि आगे की जांच जारी है।
यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।
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