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कार्रवाई

APPSC ग्रुप-I मूल्यांकन मामले में ED ने पूर्व सचिव पी. सीतारामंजनेयुलु के ठिकानों पर तलाशी ली

ED ने 4 नवंबर 2026 को तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में सात ठिकानों पर तलाशी ली। ED का आरोप है कि APPSC ग्रुप-I उत्तर पुस्तिकाओं के ऐसे मूल्यांकन के लिए 1.14 करोड़ रुपये दिए गए जो किया ही नहीं गया।

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आधिकारिक स्रोतEnforcement Directorate
Timeline of the ED's APPSC Group-I evaluation case: evaluation work period with Camsign Media from 27 Nov 2021 to 19 Feb 2022, a cheque for Rs 1,14,32,312 dated 16 Feb 2022, searches on 4 Nov 2026 and the ED press release on 5 Nov 2026.
ओक्विलिया ग्राफ़िक। स्रोत: Enforcement Directorate press release, 5 November 2026

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 4 नवंबर 2026 को आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग (APPSC) के तत्कालीन सचिव पी. सीतारामंजनेयुलु, IPS, के परिसर समेत सात ठिकानों पर APPSC ग्रुप-I मुख्य परीक्षा के मूल्यांकन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तलाशी ली। ED का आरोप है कि एक निजी कंपनी को ऐसे मूल्यांकन कार्य के लिए 1,14,32,312 रुपये (लगभग 1.14 करोड़ रुपये) दिए गए जो वास्तव में किया ही नहीं गया। तलाशी तेलंगाना के हैदराबाद और सिकंदराबाद तथा आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में हुई।

क्या हुआ

ED की 5 नवंबर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उसके हैदराबाद क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत यह कार्रवाई की। यह मामला विजयवाड़ा के सूर्यारावपेट थाने में दर्ज FIR पर आधारित है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 120-B भी शामिल हैं।

ED ने कहा कि आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन रद्द कर मैनुअल मूल्यांकन का निर्देश देने के बाद यह काम 27 नवंबर 2021 से 19 फरवरी 2022 के बीच Camsign Media Pvt. Ltd. को दिया गया। ED के अनुसार, उत्तर पुस्तिकाओं को सरकारी परिसर से हटाकर गुंटूर जिले के चिनाकाकानी गांव के एक रिसॉर्ट में 84 दिन तक रखा गया।

ED का आरोप है कि कोई वास्तविक मैनुअल मूल्यांकन नहीं हुआ और पहले के डिजिटल मूल्यांकन के अंकों को ही मैनुअल मूल्यांकन के अंकों के रूप में दर्ज कर दिया गया। ED ने कहा कि तत्कालीन सचिव के हस्ताक्षर वाले 16 फरवरी 2022 के चेक से कंपनी को 1,14,32,312 रुपये जारी किए गए। ED के अनुसार, बाद में यह पूरी प्रक्रिया रद्द कर दी गई और उत्तर पुस्तिकाओं का सरकारी परिसर में CCTV निगरानी में दोबारा मूल्यांकन हुआ, जिसके आधार पर अंतिम परिणाम घोषित किए गए। एजेंसी इस भुगतान को प्रथम दृष्टया अपराध की आय मानती है।

ED ने कहा कि उसने दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए, तत्कालीन सचिव समेत आरोपियों के बयान दर्ज किए और संपत्ति के दस्तावेजों की जांच कर रही है। उसने रिसॉर्ट और TruGrader Services पर भी तलाशी ली, जो Stone Media Advisory Services Pvt. Ltd. का एक प्रभाग है और जिसने पहले का डिजिटल मूल्यांकन किया था।

इसका क्या मतलब है

PMLA के तहत तलाशी जांच का एक कदम है, कोई निष्कर्ष नहीं। ये आरोप हैं, दोष के निष्कर्ष नहीं; अदालत में दोष सिद्ध होने तक आरोपी निर्दोष माने जाते हैं, और कानूनी प्रक्रिया जारी है। ED ने कहा कि आगे की जांच जारी है।

स्रोत: Enforcement Directorate press release

यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।

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