कार्रवाई
ED ने क्रिप्टो फर्म Mudrex और Instadapp पर कथित FEMA उल्लंघन को लेकर तलाशी ली
ED ने 27 अक्टूबर 2026 को क्रिप्टो प्लेटफॉर्म Mudrex और Instadapp से जुड़े परिसरों की तलाशी ली। ED का आरोप है कि FEMA का उल्लंघन कर बिना अनुमति विदेश में पैसा भेजा गया।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 27 अक्टूबर 2026 को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (FEMA) के तहत बेंगलुरु में कई परिसरों और मध्य प्रदेश में एक परिसर की तलाशी ली। ED की 29 अक्टूबर 2026 की विज्ञप्ति के अनुसार, यह तलाशी क्रिप्टो टोकन, खासकर USDT और USDC जैसे स्टेबलकॉइन के जरिए विदेश में बिना अनुमति पैसा भेजने के आरोपों से जुड़ी है। तलाशी दो कारोबारों में हुई: Mudrex और Saber.money प्लेटफॉर्म चलाने वाली RPFAS Technologies Private Limited, और क्रिप्टो लेंडिंग प्लेटफॉर्म Instadapp।
क्या हुआ
ED ने कहा कि RPFAS Technologies की जांच FEMA के बड़े पैमाने पर उल्लंघन की शिकायतों के बाद शुरू हुई। एजेंसी के अनुसार, कंपनी RBI से अनुमति लिए बिना क्रिप्टो के जरिए तुरंत विदेश में पैसा भेजने का विज्ञापन कर रही थी। ED ने कथित तरीका बताया: उपयोगकर्ता कंपनी के बैंक खाते में पैसा जमा करता है, उससे स्टेबलकॉइन खरीदे जाते हैं, उन्हें भारतीय क्रिप्टो एक्सचेंजों पर बेचा जाता है और रकम पाने वाले को दी जाती है। एजेंसी का आरोप है कि बड़े ओवर-द-काउंटर सौदे, कनाडा, लिथुआनिया और अमेरिका में बनी शेल कंपनियां और विदेशी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म इस्तेमाल किए गए। उसके शुरुआती निष्कर्षों के अनुसार, विदेशी प्लेटफॉर्म पर 4,600 करोड़ रुपये से अधिक के बिना अनुमति वाले क्रिप्टो बैलेंस हैं।
Instadapp के बारे में, जो अब ज्यादातर "Fluid" नाम से चलता है, ED का आरोप है कि उसकी अमेरिका में पंजीकृत कंपनी केवल कागजी है और प्लेटफॉर्म भारत से चलाया जाता है। एजेंसी का आरोप है कि आय और निवेशकों का पैसा ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स, सिंगापुर और दुबई की इकाइयों से घुमाकर सॉफ्टवेयर और कंसल्टेंसी फीस के नाम पर भारत लाया गया, जिसे वह फर्जी बताती है। शुरुआती जांच में ED ने यहां कथित FEMA उल्लंघन लगभग 40 million अमेरिकी डॉलर का आंका है।
ये आरोप हैं, दोष के निष्कर्ष नहीं; अदालत में दोष सिद्ध होने तक आरोपी निर्दोष माने जाते हैं, और कानूनी प्रक्रिया जारी है। ED ने कहा कि आगे की जांच चल रही है।
इसका क्या मतलब है
FEMA तय करता है कि पैसा भारत में कैसे आए और बाहर कैसे जाए। ED के अनुसार, इस तरह क्रिप्टो के जरिए विदेश में पैसा भेजने की सेवा देने वाली इकाइयां विदेश से आने और जाने वाली रकम के लिए RBI के नियमों का पालन नहीं करतीं, और भारत से नियंत्रित विदेशी इकाइयों के जरिए कारोबार करती हैं। विज्ञप्ति में यह नहीं कहा गया है कि किसी उपयोगकर्ता का पैसा रोका गया है या किसी प्लेटफॉर्म को काम बंद करने का आदेश दिया गया है।
यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।
इस रिपोर्ट में आपका नाम है, या कोई गलती दिखी? सुधार और जवाब के लिए लिखें: editor@oquilia.com