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कार्रवाई

नकली Pfizer एंटीबायोटिक मामले में ED ने बेंगलुरु में 5 ठिकानों पर तलाशी ली

ED ने कहा कि उसने कथित नकली दवा मामले में PMLA के तहत बेंगलुरु में पांच ठिकानों पर तलाशी ली और करीब 9 लाख रुपये वाले बैंक खाते फ्रीज किए।

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आधिकारिक स्रोतEnforcement Directorate
Key figure: the ED searched 5 premises in Bengaluru under Section 17 of the PMLA. Bank accounts holding about Rs 9 lakh were frozen. The case arises from an FIR of 18 August 2026 at Tavarekere Police Station.
ओक्विलिया ग्राफ़िक। स्रोत: Enforcement Directorate press release, 2 November 2026

प्रवर्तन निदेशालय (ED), बेंगलुरु ने कहा है कि उसने कथित नकली दवा मामले में Prevention of Money Laundering Act (PMLA), 2002 के तहत बेंगलुरु में पांच ठिकानों पर तलाशी ली। ED की 2 नवंबर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार एक व्यक्ति के बैंक खातों में जमा करीब 9 लाख रुपये फ्रीज किए गए और डिजिटल उपकरण, रिकॉर्ड व दस्तावेज जब्त किए गए।

क्या हुआ

ED के मुताबिक तलाशी PMLA की Section 17 के तहत कथित गिरोह से जुड़े लोगों और संस्थाओं के ठिकानों पर ली गई। उसका मनी लॉन्ड्रिंग मामला 18 अगस्त 2026 को तावरेकेरे पुलिस थाना, बेंगलुरु साउथ, कर्नाटक में दर्ज FIR से जुड़ा है।

ED के अनुसार यह FIR उसी दिन ड्रग कंट्रोलिंग अथॉरिटी और पुलिस की संयुक्त छापेमारी के बाद दर्ज हुई, जिसमें सीके तांड्या गांव के एक मकान में आरोपी कथित तौर पर बिना वैध लाइसेंस के दवाएं रखते और उनके लेबल बदलते पाए गए। ED ने कहा कि अपराध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की Section 318(4) और कॉपीराइट एक्ट, 1957 की Section 63 के तहत दर्ज हुए, जो PMLA के तहत अनुसूचित अपराध हैं।

ED का आरोप है कि एक आरोपी ने बिडदी के पास एक फार्महाउस में बिना ड्रग लाइसेंस के दवाओं के निर्माण, दोबारा पैकिंग और लेबल बदलने की व्यवस्था की। ED के अनुसार कई राज्यों से मंगाई गई सस्ती दवाएं कथित तौर पर नई शीशियों में भरकर Pfizer की महंगी एंटीबायोटिक दवाओं, जैसे Zavicefta और Emblaveo, के रूप में दोबारा लेबल की गईं। ED का आरोप है कि शीशियों में जेनेरिक दवाएं थीं पर उन पर Pfizer के लेबल थे, और इन्हें M/s DM Pharmaceuticals के जरिए M/s Krupa Healthcare को दिया गया, जिसने इन्हें असली दवाओं के साथ दूसरी दवा कंपनियों और अस्पतालों को सप्लाई किया।

ED ने कहा कि आगे की जांच जारी है।

ये आरोप हैं, दोष का निष्कर्ष नहीं; अदालत में दोष साबित होने तक आरोपी निर्दोष माने जाते हैं, और कानूनी प्रक्रिया जारी है।

इसका क्या मतलब है

ED के विवरण के अनुसार यह मामला अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाली महंगी एंटीबायोटिक दवाओं से जुड़ा है, जो कथित तौर पर असली दवाओं के साथ नकली पैकिंग में बेची गईं। मरीज और परिजन ऐसी दवाएं खरीदते समय अस्पताल या केमिस्ट से बिल और बैच नंबर मांग सकते हैं, और नकली दवा का संदेह होने पर राज्य के ड्रग कंट्रोल विभाग को सूचना दे सकते हैं। PMLA तलाशी के दौरान खाते फ्रीज करना एक अंतरिम कदम है, अदालत का निष्कर्ष नहीं।

स्रोत: Enforcement Directorate press release

यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।

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