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कार्रवाई

ED ने बेंगलुरु की बिल्डर कंपनी Aryan Hometec पर तलाशी ली, 90 करोड़ रुपये के कथित हेरफेर का आरोप

ED के बेंगलुरु कार्यालय ने Aryan Hometec Private Limited से जुड़े तीन परिसरों पर तलाशी ली; एजेंसी का आरोप है कि दो परियोजनाओं के लिए घर खरीदारों से जुटाए 90 करोड़ रुपये निकाल लिए गए।

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आधिकारिक स्रोतEnforcement Directorate
Steps in the ED's allegations against Aryan Hometec: a joint development agreement sharing apartments and land 63% and 37%, the land owner's apartments not built, the land owner made guarantor for loans, Rs 90 crore allegedly siphoned off, and searches at three premises.
ओक्विलिया ग्राफ़िक। स्रोत: Enforcement Directorate press release, 4 November 2026

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच में बेंगलुरु की रियल एस्टेट कंपनी Aryan Hometec Private Limited और उसके दो निदेशकों से जुड़े तीन परिसरों पर तलाशी ली है। ED का आरोप है कि दो आवासीय परियोजनाओं के लिए जुटाए गए 90 करोड़ रुपये निकाल लिए गए, और एजेंसी ने 4 नवंबर 2026 की विज्ञप्ति में कहा कि आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए।

क्या हुआ

ED के बेंगलुरु क्षेत्रीय कार्यालय के अनुसार, जांच एक जमीन मालिक, घर खरीदारों और वित्तीय संस्थानों की शिकायतों पर कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ दर्ज कई पुलिस FIR के आधार पर शुरू हुई। ED ने कहा कि इनमें से कुछ FIR में पुलिस ने यह कहते हुए क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी कि आरोपियों का पता नहीं चल रहा, और एजेंसी ने तलाशी से पहले उनका पता लगाया।

ED ने कहा कि कंपनी ने जमीन मालिक के साथ जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट किया था, जिसके तहत अपार्टमेंट और जमीन 63% और 37% के अनुपात में बांटे जाने थे। परियोजनाएं Aryan Fountain Square और Aryan Golden Arena थीं। ED का आरोप है कि कंपनी ने जमीन मालिक को आवंटित अपार्टमेंट नहीं बनाए और उसे वित्तीय संस्थानों से लिए कर्ज का गारंटर बना दिया, जिसका बड़ा हिस्सा जमीन बचाने के लिए जमीन मालिक ने चुकाया।

ED का यह भी आरोप है कि निदेशकों ने परियोजनाओं के लिए जुटाया गया कुल 90 करोड़ रुपये निकालकर घर खरीदारों और निवेशकों से धोखाधड़ी की, और बड़ी रकम परिवार के सदस्यों और उनकी संस्थाओं को भेज दी।

ये आरोप हैं, दोष के निष्कर्ष नहीं; अदालत में दोष सिद्ध होने तक आरोपी निर्दोष माने जाते हैं, और कानूनी प्रक्रिया जारी है।

इसका क्या मतलब है

इन दो परियोजनाओं के घर खरीदारों के लिए ED का मामला अपने आप पैसा वापस नहीं दिलाता; यह इस बात की आपराधिक जांच है कि पैसे का इस्तेमाल कैसे हुआ। शिकायत वाले खरीदार नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (1915) या e-Daakhil के जरिए उपभोक्ता आयोग से संपर्क कर सकते हैं।

यह मामला यह भी याद दिलाता है कि जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट में बिल्डर के कर्ज का गारंटर बनने वाले जमीन मालिक को वह कर्ज चुकाना पड़ सकता है। ED का कहना है कि जांच जारी है।

स्रोत: Enforcement Directorate press release

यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।

इस रिपोर्ट में आपका नाम है, या कोई गलती दिखी? सुधार और जवाब के लिए लिखें: editor@oquilia.com