कार्रवाई
गुरुग्राम में आयातित शराब पर कथित शुल्क चोरी मामले में ED ने 10 ठिकानों पर तलाशी ली
ED के गुरुग्राम कार्यालय ने दिल्ली-NCR, हरियाणा और पंजाब में 10 ठिकानों पर तलाशी ली; एजेंसी का आरोप है कि एक सिंडिकेट ने गुरुग्राम के एक ठेके से बिना शुल्क और कर चुकाए आयातित शराब बेची।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुग्राम में बेची गई आयातित विदेशी शराब से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 3 और 4 नवंबर 2026 को दिल्ली-NCR, हरियाणा और पंजाब में 10 ठिकानों पर तलाशी ली। ED का आरोप है कि एक शराब सिंडिकेट ने "The Theka" नाम के लाइसेंसी ठेके से होलोग्राम और ट्रैक-एंड-ट्रेस स्ट्रिप के बिना 1 लाख से अधिक बोतलें बेचकर शुल्क और कर की चोरी की, और 10 करोड़ रुपये से अधिक की अपराध से अर्जित आय पैदा की।
क्या हुआ
ED के गुरुग्राम क्षेत्रीय कार्यालय के अनुसार, जांच हरियाणा पुलिस की FIR और चार्जशीट के आधार पर शुरू हुई। ED ने कहा कि आबकारी अधिकारियों ने 9 दिसंबर 2025 को "The Theka" से होलोग्राम और ट्रैक-एंड-ट्रेस स्ट्रिप के बिना आयातित विदेशी शराब के 3,921 केस और 176 खुली बोतलें जब्त की थीं।
ED का आरोप है कि सिंडिकेट ने बॉन्ड-टू-बॉन्ड ट्रांसफर व्यवस्था का दुरुपयोग किया, जिसके तहत शराब को ट्रांसफर के समय कस्टम और उत्पाद शुल्क चुकाए बिना एक राज्य से दूसरे राज्य ले जाया जा सकता है। ED के अनुसार, सिंडिकेट ने हरियाणा और गोवा या महाराष्ट्र में कंपनियां बनाईं और कस्टम लाइसेंस लिए। ED का आरोप है कि शराब को गोवा या महाराष्ट्र के गोदामों में ले जाने के बजाय सिंडिकेट और ट्रांसपोर्टरों ने उसे गुरुग्राम के ठेकों पर पहुंचा दिया, जहां कस्टम शुल्क, VAT, परमिट फीस और अन्य कर चुकाए बिना उसे वैध आयातित स्टॉक बताकर 20-25% मुनाफे पर बेचा गया। ED के अनुसार बोतलें जून से नवंबर 2025 के बीच खरीदी गईं।
तलाशी ठेके से जुड़े लोगों, शराब आपूर्तिकर्ताओं और ट्रांसपोर्टरों के दफ्तरों और घरों पर हुई। ED ने कहा कि उसने दस्तावेज, बॉन्ड-टू-बॉन्ड आपूर्ति के डिजिटल रिकॉर्ड और 11 लाख रुपये नकद जब्त किए।
ये आरोप हैं, दोष के निष्कर्ष नहीं; अदालत में दोष सिद्ध होने तक आरोपी निर्दोष माने जाते हैं, और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
इसका क्या मतलब है
होलोग्राम और ट्रैक-एंड-ट्रेस स्ट्रिप से आबकारी विभाग यह जांचते हैं कि बोतल पर शुल्क चुकाया गया है। ED के मामले से पता चलता है कि इनके बिना बोतल पर ये कर बचाए गए हो सकते हैं, इसलिए आयातित शराब खरीदते समय स्ट्रिप देखना जरूरी है। ऐसी बिक्री पर चुराया गया शुल्क केंद्र और राज्य के राजस्व का नुकसान है। ED का कहना है कि जांच जारी है।
यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।
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